गेहूं के वैश्विक उत्पादन में गिरावट आने का उस्डा का अनुमान

13-May-2026 07:18 PM

वाशिंगटन। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने गेहूं का वैश्विक उत्पादन 2025-26 के रिकॉर्ड स्तर 84.384 करोड़ टन से घटकर 2026-27 के सीजन में 81.906 टन पर सिमट जाने का अनुमान लगाया है। अपनी नवीनतम मासिक रिपोर्ट में उस्डा ने कहा है कि गेहूं के उत्पादन में आने वाली इस गिरावट में सर्वाधिक योगदान प्रमुख निर्यातक देशों का रहेगा जिसमें अमरीका, यूरोपीय संघ, अर्जेन्टीना एवं ऑस्ट्रेलिया आदि शामिल हैं। 

उस्डा की रिपोर्ट के मुताबिक गेहूं की वैश्विक खपत में भी कुछ कमी आने की संभावना है। 2025-26 के सीजन में गेहूं का कुल वैश्विक उपयोग 82.352 करोड़ टन होने का अनुमान है जो 2026-27 के सीजन में गिरकर 82.323 करोड़ टन पर अटक सकता है। हालांकि सामान्य मानवीय खाद्य उद्देश्य में गेहूं की खपत लगभग स्थिर रहेगी लेकिन पशु आहार (फीड) निर्माण तथा अवशिष्ट उपयोग में खपत घटने की संभावना है।

संसार के अधिकांश अग्रणी उत्पादक देशों में जून का उत्पादन घटने तथा खाद्य, बिजाई (सीडिंग) एवं अवशिष्ट उद्देश्य में मांग बढ़ने से उन देशों में फीड उद्देश्य के लिए स्टॉक  कम बचेगा। गेहूं की मांग एवं खपत में सर्वाधिक वृद्धि भारत में होने की संभावना है क्योंकि इसकी जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है और इसके घरेलू प्रभाग में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध है। भारत सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गेहूं की आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास कर सकती है। 

गेहूं का वैश्विक व्यापार 119.82 लाख टन की गिरावट के साथ 21.17 करोड़ टन पर अटकने की संभावना है। प्रमुख निर्यातक देशों में इसका स्टॉक कम रहेगा तथा उत्तरी अफ्रीका एवं पश्चिम एशिया में मांग कमजोर रह सकती है। रूस 2026-27 के सीजन में भी दुनिया का सबसे प्रमुख गेहूं निर्यातक देश बना रहेगा। इसके बाद यूरोपीय संघ, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमरीका, यूक्रेन एवं अर्जेन्टीना का नंबर रह सकता है।