गेहूं तथा सरसों के लिए फसल बीमा की प्रक्रिया आरंभ

10-Dec-2025 08:50 PM

देवरिया। गेहूं के सबसे प्रमुख एवं सरसों के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में इन दोनों महत्वपूर्ण रबी कालीन फसलों के लिए बीमा की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। राज्य के देवरिया जिले में फसल बीमा के लिए 31 दिसम्बर 2025 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है।

इस बीमा योजना के तहत प्रीमियम की राशि गेहूं के लिए 1141.50 रुपए तथा सरसों के लिए 678 रुपए निश्चित की गई है।

जो किसान फसल बीमा करवाएंगे उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के क्षतिग्रस्त होने पर उचित क्षतिपूर्ति दी जाएगी जिससे उनको काफी राहत मिल सकती है। 

देवरिया पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक जिला है। समूचे जिले में अब तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 1,75,883 हेक्टेयर पर पहुंच चुका है

जिसमें 1,43,270 हेक्टेयर में गेहूं तथा 24,585 हेक्टेयर में सरसों की बिजाई शामिल है। इसके अलावा 3543 हेक्टेयर में तोरिया की भी खेती हुई है। फसल बीमा के लिए सिर्फ गेहूं और सरसों को ही अधिसूचित किया गया है। 

फसल बीमा का दायित्व एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी को सौंपा गया है। गेहूं के बीमा के लिए किसानों को प्रीमियम के तौर पर 1141.50 रुपए प्रति हेक्टेयर की राशि का भुगतान करना होगा जबकि सरसों के लिए प्रीमियम की राशि 678 रुपए प्रति हेक्टेयर नियत हुई है।

ऋणी और गैर ऋणी दोनों संवर्ग के किसान फसल बीमा में शामिल हो सकते हैं। जिन किसानों ने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड लिया है वे अपने बैंको से फसल बीमा करवाने का आग्रह कर सकते है और  बीमा करवाते समय उन्हें अपनी फसलों का ब्यौरा देना होगा।

दूसरी ओर जौ गैर ऋणी किसान है वे जन सेवा केन्द्र या बीमा पोर्टल पर जाकर अथवा बीमा प्रतिनिधि को प्रीमियम की राशि देकर अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं।