गुजरात के बंदरगाह पर मटर, मसूर एवं चना के स्टॉक में कमी

05-Dec-2025 03:47 PM

नई दिल्ली। विदेशों से आयात की गति कुछ धीमी होने तथा निकासी निरंतर जारी रहने से गुजरात के तीन महत्वपूर्ण बंदरगाहों- मूंदड़ा, कांडला एवं हजीरा पर मटर, मसूर एवं चना का कुल स्टॉक 1 दिसम्बर को घटकर 6,62,297 टन रह गया जो 17 नवम्बर को उपलब्ध स्टॉक 7,51,798 टन से कम था। लेकिन यह स्टॉक नवम्बर के 5,49,184 टन से काफी अधिक रहा। 

3 दिसम्बर को इन बंदरगाहों पर 3,52,266 टन, पीली मटर, 1,00,303 टन लाल मसूर तथा 2,09,728  टन देसी चना का स्टॉक उपलब्ध था। आईग्रेन इंडिया द्वारा एक्सक्लूसिवली संकलित आंकड़ों के अनुसार 17 नवम्बर की तुलना में 3 दिसम्बर 2025 को मूंदड़ा पोर्ट पर पीली मटर का स्टॉक 1,56,796 टन से घटकर 1,25,344 टन तथा काबुली चना का स्टॉक 78,977 टन से गिरकर 72,336 टन रह गया लेकिन लाल मसूर का स्टॉक 29,268 टन से सुधरकर 33,622 टन पर पहुंच गया। 

आईग्रेन इंडिया के अनुसार जहां तक कांडला बंदरगाह का सवाल है तो वहां 17 नवम्बर के मुकाबले 3 दिसम्बर को पीली मटर का स्टॉक 1,36,707 टन से गिरकर 1,30,788 टन, लाल मसूर का स्टॉक 55,288 टन से फिसलकर 55,037 टन तथा देसी चना का स्टॉक 1,66,147 टन से घटकर 1,37,392 टन रह गया।  

हजीरा बंदरगाह पर इसकी अवधि में पीली मटर का स्टॉक 1,13,028 टन से घटकर 96,134 टन तथा लाल मसूर का स्टॉक 15,489 टन से गिरकर 11,644 टन रह गया। 

3 दिसम्बर को मूंदड़ा बंदरगाह पर उपरोक्त तीन दलहनों का कुल स्टॉक घटकर 2,31,302 टन, कांडला बंदरगाह पर 3,23,217 टन तथा हजीरा पोर्ट पर 1,07,778 टन पर आ गया। ध्यान देने की बात है कि 3 नवम्बर 2025 की तुलना में 3 दिसम्बर 2025 को इन बंदरगाहों पर दलहनों का ऊंचा स्टॉक मौजूद था। 

भारत में पीली मटर का आयात मुख्यतः कनाडा एवं रूस से तथा लाल मसूर का आयात कनाडा एवं ऑस्ट्रेलिया से होता है जबकि ऑस्ट्रेलिया एवं अफ्रीकी देशों  से देसी चना मंगाया जाता है। मटर पर 30 प्रतिशत या मसूर एवं चना पर 10-10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा हुआ है।