गन्ना की क्रशिंग हेतु अभी तक 424 चीनी मिलें सक्रिय

01-Dec-2025 06:09 PM

पुणे। नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज की नवीनतम रिपोर्ट से पता चलता है कि इस वर्ष अक्टूबर-नवम्बर के दो महीनों में देश भर में गन्ना क्रशिंग करने वाली चीनी मिलों की संख्या बढ़कर 424 हो गई जो पिछले साल के 382 की तुलना में 42 या 11 प्रतिशत ज्यादा है। 

समीक्षाधीन अवधि के दौरान क्रियाशील चीनी मिलों की संख्या महाराष्ट्र में 124 से बढ़कर 170 तक कर्नाटक में 72 से सुधरकर 75 पर पहुंच गई लेकिन उत्तर प्रदेश में संख्या 118 से गिरकर 116 रह गई।

महाराष्ट्र में पिछले साल कुल मिलाकर 192 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग शुरू हुई थी मगर इस बार कुछ विशेष कारणों से 22 इकाइयों को गन्ना क्रशिंग का लाइसेंस नहीं मिल पाया है। उधर कर्नाटक में गन्ना किसानों एवं चीनी मिलों के बीच कीमतों को लेकर विवाद उत्पन्न  हो गया था लेकिन अब वह समाप्त हो गया है। 

इसके अलावा गुजरात की 14 इकाइयों, आंध्र प्रदेश की 1, बिहार की 6, हरियाणा की 7, मध्य प्रदेश की 15 पंजाब की 3, तमिलनाडु की 4, तेलंगाना की 3, उत्तराखंड की 7 तथा अन्य राज्यों की 3 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग आरंभ हो चुकी है। 

राष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील कुल 424 चीनी मिलों में 30 नवम्बर 2025 तक कुल 486.13 लाख टन गन्ना की क्रशिंग हो गई और 8.51 प्रतिशत की औसत रिकवरी दर के साथ कुल 41.35 लाख टन चीनी का उत्पादन हो गया। इस वर्ष 30 नवम्बर तक महाराष्ट्र की चीनी मिलों में 213.38 लाख टन गन्ना की क्रशिंग हुई

जबकि इसकी मात्रा उत्तर प्रदेश में 151.61 लाख टन, कर्नाटक में 93.18 लाख टन तथा गुजरात में 10.59 लाख टन दर्ज की गई। शेष राज्यों में से प्रत्येक में 5 लाख टन से कम गन्ना की क्रशिंग हुई। केवल उत्तराखंड इसका अपवाद रहा जहां 5.26 लाख टन गन्ना की क्रशिंग हुई।