गैर बासमती चावल के निर्यात का केन्द्र बन रहा है तेलंगाना
24-Mar-2026 12:18 PM
हैदराबाद। जिस तरह पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड से प्रीमियम क्वालिटी के बासमती चावल का भारी भरकम निर्यात होता है उसी प्रकार तेलंगाना, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल तथा आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से सामान्य श्रेणी के गैर बासमती चावल का विशाल शिपमेंट किया जाता है। इन्हीं राज्यों की बदौलत भारत दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख निर्यातक देश बना हुआ है।
दक्षिण भारतीय राज्य- तेलंगाना हाल के वर्षों में चावल के एक अग्रणी निर्यात केन्द्र के रूप में उभरा है। तेलंगाना के सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री का कहना है कि राज्य सरकार की एक दीर्घकालीन नीति के एक भाग के रूप में चावल के निर्यात संवर्धन का जोरदार प्रयास किया जा रहा है।
इस नीति का मुख्य उद्देश्य भारतीय खाद्य निगम पर निर्भरता को घटाना और चावल के अधिशेष स्टॉक को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेचना है। दरअसल इस अधिशेष स्टॉक की खरीद के लिए अक्सर तेलंगाना सरकार और भारतीय खाद्य निगम के बीच वाद-विवाद होता रहता है।
तेलंगाना सरकार चाहती है कि खाद्य निगम की खरीदारी के बाद राज्य में चावल का जो अतिरिक्त स्टॉक बच जाए उसका अंतर्राष्ट्रीय बाजार में निर्यात कर दिया जाए।
इस प्रयास में तेलंगाना को अच्छी सफलता भी मिल रही है। राज्य सरकार तेलंगाना में चावल को एक प्रीमियम ब्रांड के तौर पर प्रोमोट कर रही है ताकि इसका बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके और किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी सहायता मिले।
सरकार से सरकार स्तर पर हुए करार के तहत तेलंगाना से फिलीपींस को 22,750 टन चावल का निर्यात हुआ जिसका इकाई मूल्य 3600 रुपए प्रति क्विंटल रहा।
