गत आठ वर्षों में अनाज, दलहन एवं तिलहन फसलों की उपज दर में अच्छी बढ़ोत्तरी

02-Apr-2025 03:49 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने कहा है कि पिछले आठ वर्षों के दौरान देश में अनाजी फसलों, दलहनों तथा तिलहनों की प्रति इकाई औसत उपज दर में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है।

केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री के अनुसार समीक्षाधीन अवधि के दौरान अनाजी फसलों (धान, गेहूं एवं मोटे अनाज) की उत्पादकता में 16.63 प्रतिशत, दलहनों की उपज दर में 12.23 प्रतिशत तथा तिलहनों की उत्पादकता में 9.96 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। इससे कुल उत्पादन का स्तर भी ऊंचा हो गया। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अनाजी फसलों की औसत उपज दर 2016 -17 सीजन के 2525 किलो प्रति हेक्टेयर से उछलकर 2023-24 के सीजन में 2945 किलो प्रति हेक्टेयर, दलहन फसलों की औसत उत्पादकता 785 किलो प्रति हेक्टेयर  से बढ़कर 881 किलो प्रति हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों की औसत उपज दर 1195 किलो प्रति हेक्टेयर से सुधरकर 1314 किलो प्रति हेक्टेयर हो गई। 

राज्यों की भागीदारी के साथ केन्द्र सरकार ने 2025-26 के आम बजट में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को लांच करने की घोषणा की है। इसमें न केवल मौजूदा स्कीमों को समाहित किया गया है बल्कि कुछ विशेष अतिरिक्त उपायों को भी शामिल किया गया है।

इस योजना को देश के ऐसे 100 जिलों में क्रियान्वित किया जाएगा जहां फसलों की उपज दर नीचे रहती है। उसकी सघनता कम देखी जाती है और जहां किसानों को सामान्य औसत से कम ऋण प्राप्त होता है। 

इस योजना का उद्देश्य विभिन्न कृषि फसलों की उपज दर को बढ़ाना, फसलों के विविधिकरण को बढ़ावा देना तथा निरंतर चलने वाली कृषि विधियों को अपनाना है।

इसके अलावा फसल कटाई के बाद पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर भंडारण की सुविधाओं का विकास- विस्तार करना, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना तथा किसानों के लिए दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन ऋण की सुविधा उपलब्ध करवाना भी इस योजना के उद्देश्यों में शामिल है। इस योजना से देश के लगभग 1.70 करोड़ किसानों को फायदा होने की उम्मीद है।