घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर सरकार का जोर

12-Dec-2025 05:11 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता घरेलू प्रभाग में उचित मूल्य पर चीनी की पर्याप्त आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने की है और उसके बाद अधिशेष चीनी का उपयोग एथनॉल निर्माण में और फिर निर्यात उद्देश्य में करने की अनुमति दी जाती है।

2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में आरंभिक उत्पादन अनुमान को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उद्योग को 15 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति प्रदान की है। कुछ सांसदों का कहना था कि स्वदेशी उद्योग चीनी का निर्यात कोटा बढ़ाने की मांग कर रहा है जिस पर विचार होना चाहिए। 

शीरा के निर्यात पर लागू सीमा शुल्क को हटाए जाने के बारे में खाद्य राज्य मंत्री ने कहा कि शीरा पर 50 प्रतिशत का जो निर्यात शुल्क लगाया गया था वह सरकार का एक अस्थायी हस्तक्षेप था।

दरअसल 2023-24 एवं 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में गन्ना के घरेलू उत्पादन में गिरावट आई थी जिसे ध्यान में रखते हुए शीरा के निर्यात को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो एथनॉल उत्पादन के लिए इस कच्चे माल (शीरा) का भारी अभाव उत्पन्न हो सकता था और अन्य औद्योगिक उपयोग के लिए भी इसकी कमी महसूस हो सकती थी।

लेकिन चूंकि 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान गन्ना एवं चीनी के घरेलू उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है जिससे देश में शीरा की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ जाएगी इसलिए सरकार ने इसके निर्यात पर लगे 50 प्रतिशत के सीमा शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया और यह निर्णय 14 नवम्बर 2025 से प्रभावी हो गया। 

खाद्य राज्य मंत्री के मुताबिक अधिशेष उत्पादन का बेहतर ढंग से प्रबंधन करने, सवदेशी मिलों में तरलता (मुद्रा प्रवाह) को बढ़ावा देने तथा गन्ना किसानों के बकाया मूल्य का सही समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन के लिए 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति प्रदान की है। इसके अलावा शीरा के निर्यात को शुल्क मुक्त किए जाने से भी उद्योग की आमदनी बढ़ेगी।