घरेलू एवं निर्यात मांग मजबूत रहने पर बड़ी इलायची में मंदी की संभावना कम
13-Nov-2024 05:34 PM
नई दिल्ली । प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में दूसरे या मुख्य चरण के तहत बड़ी इलायची के नए माल की तुड़ाई-तैयारी जोर शोर से हो रही है और मार्केट में इसकी अच्छी आवक भो होने लगी है। उल्लेखनीय है कि दूसरे चरण में माल की तुड़ाई-तैयारी ज्यादा होती है और इसकी क्वालिटी भी अच्छी रहती है।
हालांकि प्रतिकूल मौसम तथा प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से बड़ी इलायची की फसल को नुकसान हुआ है और इसके उत्पादन में गिरावट आने की आशंका है लेकिन जब तक नए माल की अच्छी आपूर्ति होती रहेगी तब तक इसकी कीमतों में ज्यादा तेजी आना मुश्किल है।
घरेलू प्रभाग में लग्नसरा एवं मांगलिक उत्सवों का सीजन आरंभ हो गया है जबकि दिसम्बर-जनवरी में इसका निर्यात भी जोर पकड़ने की संभावना है क्योंकि मुस्लिम बहुत देशों में रंजन की अच्छी मांग निकल सकती है। ऐसी हालत में बाजार आगामी समय में मजबूत रहने के आसार हैं।
भारत की भांति नेपाल तथा भूटान में भी बड़ी (काली) इलायची का उत्पादन कुछ घटने की संभावना है जिससे वैश्विक बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता कम होगी और कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
भारत में बड़ी इलायची का उत्पादन मुख्यत: सिक्किम, मेघालय, आसाम तथा अरुणाचल प्रदेश में होता है। पूर्वोत्तर राज्यों में इस बार मौसम बुरी तरह फसल के लिए अनुकूल नहीं रहा। आसाम और मेघालय में भयंकर बाढ़ का प्रकोप भी देखा गया।
स्थानीय थोक किराना बाजार में बड़ी इलायची का भाव फिलहाल कैंचीकट किस्म के लिए 1650-1660 रुपए प्रति किलो बताया जा रहा है। उत्पादक राज्यों के नीलामी केन्द्रों में भी भाव सुधरने की सूचना मिल रही है।
व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि आगामी समय में बड़ी इलायची का दाम इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग पर निर्भर करेगा। पिछला स्टॉक कम है और नेपाल से आयात का पड़ता ऊंचा बैठ रहा है। नीलामी भाव 1375 से 1850 रुपए प्रति किलो के बीच रहा।
