हरियाणा में 20 लाख टन अतिरिक्त अनाज के लिए भंडारण सुविधा का निर्माण
04-Jun-2026 05:49 PM
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खाद्यान्न के लिए पर्याप्त भंडारण सुविधाओं का विकास- विस्तार करने का निर्देश दिया है ताकि किसानों से कठिन परिश्रम से उत्पादित- अनाज को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके। मुख्यमंत्री का कहना था कि राज्य में 20 लाख टन अतिरिक्त खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण के लिए सुविधाओं और ढांचों का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों को इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी आवश्यक तैयारी करने के लिए कहा गया है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अगले पांच वर्षों के रोडमैप तथा एक्शन प्लान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को छतदार (कवर्ड), वेयर हाउसों के निर्माण, शीत गृह (कोल्ड स्टोरेज)
की संरचना का विकास-विस्तार तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग के लिए एक व्यावहारिक एवं समेकित योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया। "हरियाणा विजन 2047" के अंतर्गत इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा केन्द्रीय पूल में चावल तथा गेहूं का योगदान देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हैं। इस वर्ष भी वहां गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 81 लाख टन से ऊपर पहुंच गई जबकि लक्ष्य 72 लाख टन का ही नियत किया गया था। पंजाब की भांति हरियाणा में भी खाद्यान्न की विशाल खरीद होती है मगर उसके सुरक्षित भंडारण के लिए वहां पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। प्रांतीय सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए अब जोरदार प्रयास कर रही है।
खाद्य सचिव ने उपरोक्त मीटिंग में मुख्यमंत्री को सूचित किया की गोदामों / वेयर हाउसों की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं होने तथा ओपन स्टोरेज की वजह से हरियाणा में प्रति वर्ष खाद्यान्न के कुल उत्पादन का 4-5 प्रतिशत भाग बर्बाद हो जाता है।
