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30-Sep-2026 07:33 PM
जकार्ता। अल नीनो मौसम चक्र के प्रकोप से बारिश कम होने की आशंका को देखते हुए इंडोनेशिया में अगले साल क्रूड पाम तेल (सीपीओ) के उत्पादन में करीब 9 प्रतिशत की भारी गिरावट आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। अल नीनो की वजह से मलेशिया में भी सीपीओ का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ज्ञात हो कि इंडोनेशिया और मलेशिया दुनिया में पाम तेल के दो सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। थाईलैंड का पाम तेल उत्पादन भी इसकी चपेट में आ सकता है।
एक अग्रणी कॉमोडिटी परामर्श फर्म के एमडी का कहना है कि वर्ष 2027 के दौरान इंडोनेशिया में सीपीओ का उत्पादन 2026 के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत घटकर 469 लाख टन पर सिमट सकता है। यदि अल नीनो के प्रकोप से लम्बे समय तक सूखे का प्रभाव बरकरार रहा तो दक्षिण-पूर्व एशिया में पाम तेल का उत्पादन काफी घट सकता है।
विश्लेषक के मुताबिक फिलहाल इन दोनों क्षेत्रों में अल नीनो का असर उतना गंभीर और व्यापक नहीं है जितना वर्ष 2015 में देखा गया था। अगर अगले साल वहां मानसून की स्थिति ठीक नहीं रही तो हालात बदल सकते हैं। सितम्बर 2026 में इन दोनों देशों में मौसम शुष्क रहा और अक्टूबर में भी पर्याप्त वर्षा होने में संदेह है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नवम्बर में वहां अच्छी बारिश हो सकती है।
इंडोनेशिया में बायो डीजल निर्माण में पाम तेल की विशाल मात्रा का उपयोग होने से इसके निर्यात योग्य स्टॉक में पहले से ही कमी आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। ऐसी स्थिति में यदि उत्पादन में भारी गिरावट आती है तो पाम तेल का निर्यात प्रदर्शन और भी कमजोर पड़ सकता है। इससे भारत और चीन जैसे शीर्ष आयातक देशों की कठिनाई बढ़ सकती है।