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30-Sep-2026 06:01 PM
दाल मिलों की लगातार खरीद के समर्थन से घरेलू बाजार में तुवर के भाव दूसरे दिन भी तेज रहे। बर्मा में भी तुवर की कीमतों में बढ़त दर्ज होने से घरेलू बाजार की धारणा को मजबूती मिली। दाल मिलों की सक्रिय लिवाली के चलते अरहर के भावों में सुधार जारी है।
व्यापारियों के अनुसार, बर्मा से अरहर के आयात पड़ते महंगे होने के कारण आयातकों की लागत बढ़ी हुई है। वहीं, खपत का सीजन शुरू होने से अरहर दाल की मांग आगे भी बनी रहने की उम्मीद है, जिससे बाजार को सहारा मिल रहा है।
महाराष्ट्र-कर्नाटक में कम बारिश से उत्पादन पर नजर
चालू खरीफ सीजन में प्रमुख तुवर उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में सामान्य से कम बारिश की स्थिति रही है। इसके चलते फसल की उत्पादकता और कुल उत्पादन अनुमान पर दबाव आने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, नई फसल की मंडियों में आवक शुरू होने में भी देरी संभव है।
ब्राजील से आयात अक्टूबर-नवंबर में संभव
दलहन एसोसिएशन के अनुसार, अक्टूबर-नवंबर में ब्राजील से अरहर का आयात शुरू होने की संभावना है। चालू वर्ष में ब्राजील से करीब 20,000–30,000 टन अरहर आने का अनुमान है। हालांकि, अगले वर्ष से ब्राजील से अरहर के आयात में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।
बाजार संकेत: मजबूत मिल मांग, महंगे आयात पड़ते और नई फसल की संभावित देरी फिलहाल तुवर बाजार को समर्थन दे रहे हैं। आगे बाजार की दिशा घरेलू मांग, नई फसल की आवक और आयातित तुवर की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।