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ऊंचे सरकारी स्टॉक के बावजूद चावल की कीमतों में तेजी

30-Sep-2026 05:30 PM

ऊंचे सरकारी स्टॉक के बावजूद चावल की कीमतों में तेजी

नई दिल्ली। हालांकि केन्द्र सरकार की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास चावल का अत्यन्त विशाल स्टॉक मौजूद है लेकिन फिर भी प्रीमियम क्वालिटी के चावल की कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ है। शीघ्र ही धान की नई फसल की कटाई शुरू होने वाली है। हरियाणा में 29 सितम्बर से धान की सरकारी खरीद की स्वीकृति दी जा चुकी है जबकि पंजाब में कल यानी 1 अक्टूबर से इसकी खरीदारी आरंभ होनी है। 

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष का कहना है कि अल नीनो के प्रकोप, क्षेत्रफल में गिरावट, प्रीमियम चावल की कमी एवं निर्यात प्रदर्शन जैसे कारकों की वजह से कीमतों में तेजी आ रही है। दक्षिण भारत में न केवल उच्च क्वालिटी के चावल का स्टॉक कम बचा है बल्कि कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु में धान का उत्पादन क्षेत्र भी घट गया है। इसके साथ-साथ वहां मानसून की बारिश कम होने से धान की उपज दर प्रभावित होने की आशंका है। धान का रकबा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं झारखंड में भी गत वर्ष से पीछे रह गया। 

सोना मसूरी एवं पोन्नी सहित अन्य 'ए' ग्रेड चावल की वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है। स्वदेशों में रहने वाले दक्षिण भारतीय लोगों में ये चावल काफी लोकप्रिय है जिससे वहां अच्छी मात्रा में इसका आयात नियमित रूप से किया जाता है। धान-चावल की आपूर्ति का अभी ऑफ सीजन चल रहा है। वैसे उत्तरी भारत और खासकर पंजाब, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बासमती धान की आवक तेजी से बढ़ने लगी है।

अच्छी क्वालिटी के चावल का भाव आमतौर पर इस समय ऊंचा रहता है। भारतीय खाद्य निगम के पास अधिकांशतः सामान्य श्रेणी के चावल का स्टॉक रहता है। इधर छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों में उत्पादित होने वाले उच्च क्वालिटी के धान-चावल का दाम भी मजबूत हो रहा है। नए माल की जोरदार आवक शुरू होने के बाद ही इसकी कीमतों में कुछ नरमी आ सकती है।