इंदौर संभाग में दलहनों एवं मक्का की खेती में किसानों का ज्यादा रुझान

02-Dec-2025 05:39 PM

इंदौर। मध्य प्रदेश के सबसे प्रमुख व्यावसायिक केन्द्र - इंदौर संभाग में चालू रबी सीजन के दौरान दलहनों- चना, मटर एवं लाल मसूर तथा मक्का की खेती के प्रति किसानों का उत्साह एवं आकर्षण ज्यादा देखा जा रहा है क्योंकि आरम्भिक वर्षा एवं मौसम की अनुकूल स्थिति के कारण वहां किसानों को उपरोक्त फसलों की बिजाई में काफी सहूलियत हो रही है। 

कृषि विभाग के अनुसार इंदौर संभाग में रबी कालीन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 3.83 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार करीब 4.11 लाख हेक्टेयर पर पहुंच जाने का अनुमान है।

मक्का के बिजाई क्षेत्र में भी सुधार आने की उम्मीद है। पिछले महीने इस संभाग के कई क्षेत्रों में बारिश हुई थी और अब मौसम की हालत अनुकूल देखी जा रही है।

मक्का का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष की तुलना में इस बार 50 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 2 लाख हेक्टेयर के आसपास पहुंचने की उम्मीद है। किसानों को आगामी महीनों में इस महत्वपूर्ण मोटे अनाज का लाभप्रद मूल्य प्राप्त होने की आशा है। सरकार ने इसका समर्थन मूल्य भी बढ़ा दिया है। 

मध्य प्रदेश में इस वर्ष गेहूं, चना, मसूर एवं मटर की खेती को किसानों द्वारा विशेष प्राथमिकता दिए जाने का अनुमान लगाया जा रहा था।

लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि अन्य संभागों में चना के बजाए सरसों की खेती पर किसान विशेष ध्यान दे सकते है क्योंकि इसका बाजार भाव सरकारी समर्थन से मूल्य काफी ऊंचा चल रहा है। मसूर और मटर की खेती मुख्यतः मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती बुंदेलखंड संभाग में होती है। 

इंदौर संभाग में पिछले साल रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 16.80 लाख हेक्टेयर रहा था जबकि इस बार बिजाई क्षेत्र बढ़कर 17 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचने के आसार हैं। बिजाई क्षेत्र की तस्वीर चालू माह के अंत तक स्पष्ट हो सकती है।