जौ की कमजोर बिजाई से मोटे अनाजों का रकबा गत वर्ष से पीछे

17-Dec-2024 12:09 PM

नई दिल्ली । हालांकि पहले रबी कालीन मोटे अनाजों का क्षेत्रफल गत वर्ष से कुछ आगे चल रहा था लेकिन बाद में जौ की बिजाई घटने से अब कुल रकबा पीछे हो गया है। ज्वार और बाजरा की बिजाई भी कुछ पिछड़ गई है। मोटे अनाजों की बिजाई अभी जारी है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर 16 दिसम्बर तक मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र 38.75 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 40.45 लाख हेक्टेयर से 1.70 लाख हेक्टेयर कम है।

इसमें जौ का सर्वाधिक योगदान है जिसका क्षेत्रफल गत वर्ष के 7.81 लाख हेक्टेयर से 1.62 लाख हेक्टेयर घटकर इस बार 6.19 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।

इसके अलावा ज्वार का रकबा 19.98 लाख हेक्टेयर से 23 हजार हेक्टेयर गिरकर 19.75 लाख हेक्टेयर तथा बाजरा का रकबा 14 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 11 हजार हेक्टेयर रह गया। दूसरी ओर मक्का का बिजाई क्षेत्र 12.04 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 12.10 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। स्माल मिलेट्स की बिजाई 14 हजार हेक्टेयर में हुई है जबकि गत वर्ष इस समय तक शुरू नहीं हुई थी। 

हालांकि राजस्थान में जौ का उत्पादन क्षेत्र 3.80 लाख हेक्टेयर के नियत लक्ष्य से 20 हजार हेक्टेयर या 5 प्रतिशत बढ़कर इस बार 4 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है मगर अन्य राज्यों में इसकी बिजाई पीछे चल रही है।

मक्का के उत्पादन क्षेत्र में अपेक्षित बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है जबकि जोरदार मांग एवं ऊंची कीमत को देखते हुए इसके क्षेत्रफल में भारी वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। आगे इसका रकबा बढ़ने के आसार हैं।