जोरदार आपूर्ति के कारण जीरा के दाम पर दबाव
20-Mar-2025 05:42 PM
राजकोट। गुजरात के बेंचमार्क व्यापारिक केन्द्र- ऊंझा मंडी में जीरे की भरपूर आवक हो रही है और नीचे दाम पर स्थानीय डीलर्स, दिसावरी व्यापारी तथा निर्यातक इसकी खरीद में अच्छी दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं।
इसके फलस्वरूप 55-60 हजार बोरी की औसत दैनिक आवक होने के बावजूद जीरे की कीमतों में 100-125 रुपए प्रति क्विंटल का सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार मार्च क्लोजिंग का समय नजदीक आ रहा है इसलिए कारोबारी उससे पूर्व ही अच्छी मात्रा में जीरे की खरीद कर रहे हैं।
समीक्षकों के अनुसार यद्यपि 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर जीरा का बिजाई क्षेत्र करीब 15-20 प्रतिशत घट गया लेकिन मौसम की हालत अनुकूल होने से इसकी उपज दर एवं क्वालिटी में काफी सुधार देखा जा रहा है जिससे कुल उत्पादन पिछले सीजन के आसपास पहुंच जाने की उम्मीद है।
गुजरात की मंडियों में नए माल की रिकॉर्ड आवक होने से तो यह संकेत मिलता है कि इस बार जीरा के उत्पादन में विशेष गिरावट नहीं आएगी।
ऊंझा मंडी में जीरा का भाव पिछले दिनों 21,200-21,300 रुपए प्रति क्विंटल (4240-4260 रुपए प्रति 20 किलो) दर्ज किया गया खरीदारों के लिए यह मूल्य स्तर काफी आकर्षक है इसलिए वे इसकी अच्छी लिवाली कर रहे हैं।
राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे की आवक बढ़ने लगी है जिससे इसकी कीमतों में भारी तेजी आने की उम्मीद नहीं है। बाजार भाव निश्चित दायरे में सीमित उतार-चढ़ाव के साथ स्थिर रह सकता है।
मार्च के अंत तक लगभग ऐसा ही माहौल रहेगा। अप्रैल में यदि जोरदार आपूर्ति जारी रही तो कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
लेकिन उत्पादक नीचे दाम पर अपना उत्पाद बेचने के बजाए उसका स्टॉक रोकने का प्रयास कर सकते हैं। गुजरात में जीरे का बिजाई क्षेत्र पिछले सीजन से करीब 15 प्रतिशत घट गया लेकिन सामान्य औसत क्षेत्रफल से यह लगभग 25 प्रतिशत ज्यादा रहा।
जीरे का निर्यात प्रदर्शन बेहतर चल रहा है और विदेशी आयातक इसकी खरीद में काफी सक्रियता दिखा रहे हैं। निर्यात मांग के सहारे घरेलू बाजार में जीरे का भाव काफी हद तक स्थिर या मजबूत रह सकता है।
