कुछ राज्यों में बेमौसमी वर्षा से गेहूं की फसल को नुकसान

27-Mar-2026 10:45 AM

नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि 11 से 22 मार्च 2026 के दौरान देश के कई राज्यों में तेज हवा के प्रवाह के साथ सामान्य या भारी बारिश हुई। इसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश भी शामिल है। ज्ञात हो कि इन छह प्रांतों में देश के 90 प्रतिशत से अधिक गेहूं का उत्पादन होता है जबकि शेष उत्पादन गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड जैसे प्रांतों में होता है। उत्तराखंड में भी फसल को कुछ क्षति हुई है। 

गेहूं के बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 328.04 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 334.17 लाख हेक्टेयर के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया जिसके आधार पर केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का उत्पादन भी 2024-25 सीजन के 1179.40 लाख टन से उछलकर 2025-26 के रबी सीजन में 1202.10 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

लेकिन बेमौसमी वर्षा एवं तेज हवा के प्रवाह के कारण फसल को हुई क्षति को देखते हुए उद्योग-व्यापार समीक्षकों का मानना है कि गेहूं का वास्तविक उत्पादन सरकारी अनुमान से कम हो सकता है। 

पंजाब, बिहार एवं उत्तर प्रदेश के चार जिलों में गेहूं की फसल पर प्राकृतिक आपदाओं का ज्यादा असर पड़ा है और वहां उत्पादन में 10-15 प्रतिशत तक की गिरावट आने की आशंका है।

इसके अलावा देश के पांच राज्यों के 21 जिलों में भी आंधी वर्षा से गेहूं की फसल आंशिक रूप से प्रभावित हुई है। इस बीच राजस्थान एवं मध्य प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में गेहूं की भारी आवक होने लगी है।