केएलसीई सीपीओ मिड सेशन में तेजी, कैसे चल रहे है भारतीय बाजार

14-May-2025 10:44 AM

केएलसीई सीपीओ मिड सेशन में तेजी, कैसे चल रहे है भारतीय बाजार 
★ मई वायदा 173 की तेजी के साथ 4,000 पर हुआ बंद। 15 मई की कॉन्ट्रैक्ट की समयसीमस खत्म होने से वॉल्यूम बेहद कम रहा – मात्र 20।
★ जून अनुबंध में 65 की बढ़त देखी गई और यह 3960 रिंगिट पर बंद हुआ। दिन का उच्चतम स्तर 3,999 और न्यूनतम 3,905 रिंगिट रहा। वॉल्यूम 2731 रहा।
★ जुलाई कॉन्ट्रैक्ट में 60 की तेजी आई और यह 3953 रिंगिट पर बंद हुआ। दिन का कारोबार 3,894 से 3,996 रिंगिट के बीच हुआ। 21,778 के वॉल्यूम के साथ यह सबसे ज्यादा सक्रिय अनुबंध रहा।
★ अगस्त अनुबंध में भी तेजी का रुख देखा गया और यह 51 की बढ़त के साथ 3946 रिंगिट पर बंद हुआ। ओपन 3912, हाई 3989 और लो 3897 रहा। कुल वॉल्यूम 12,610 रहा।
★ कई दिनों की मंदी के बाद, निर्यात मांग निकलने और अन्य तेलों के भाव बढ़ने से पाम को मिला सपोर्ट।
★ इंडोनेशिया और मलेशिया में उत्पादन अच्छा जिससे निर्यात उपलब्धता बढ़ेगी।
★ सोयातेल और सूरजमुखी तेलों की कीमतें बढ़ने से पाम को भी मिला सपोर्ट। 
★ भावों में आई तेजी अस्थाई, सभी निर्यातक देशों में पाम, सोया और सूरजमुखी का उत्पादन अच्छा।
~~~~~~~~
★ भारत में सरसों और सोयाबीन का उत्पादन अच्छा। तिलहनों की उपलब्धता सुगम परन्तु क्रशिंग मांग कमज़ोर।
★ नेफेड एवं अन्य एजेंसियों में करीब 18 लाख टन सोया की खरीद की जिसमें से टेंडर के माध्यम से 3 से 4 लाख टन बाज़ारों में बेचा गया।
★ सरकारी गोदामों में सरसों का अच्छा स्टॉक जिसे भविष्य में बेचा जायेगा। 
★ पिछले सीज़न में खरीद गई सरसों की बड़ी मात्रा में बिक्री की गई जिससे कीमतों पर दवाब बना रहा और आवक के दौरान भाव MSP से नीचे आये।
★ सरकारी स्टॉक और बढ़ते आयात से तिलहनों की उपलब्धता साल भर रहने की उम्मीद। 
★ फिलहाल तेजी में न करें व्यापार, सोयाबीन बिजाई पर रखें नज़र।