कमजोर वैश्विक मांग से ऑस्ट्रेलिया में मसूर का भाव नरम
25-May-2026 08:20 PM
मेलबोर्न। बेहतर घरेलू स्टॉक, कमजोर वैश्विक मांग तथा कनाडा की जबरदस्त चुनौती के कारण ऑस्ट्रेलिया में मसूर का भाव स्थिर या नरम चल रहा है। छोटी निप्पर किस्म की मसूर का दाम पिछले माह की तुलना में करीब 30 डॉलर प्रति टन नीचे आ गया है।
हालांकि इसमें शार्ट कवरिंग के तहत थोड़ा बहुत कारोबार हो रहा है मगर कीमतों पर इसका कोई खास सकारात्मक प्रभाव नहीं देखा जा रहा है। सबसे ऊंचा पोर्ट डिलीवरी मूल्य चालू माह के आरंभ में 670 डॉलर प्रति टन के करीब पहुंचा था लेकिन उसके बाद नरम पड़ गया।
व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक विदेशी बाजारों में मसूर की बिक्री करने में भारी कठिनाई हो रही है। कनाडा में 2025-26 सीजन के दौरान मसूर का शानदार उत्पादन हुआ और वह आक्रामक ढंग से इसे वैश्विक बाजार में बेचने का प्रयास भी कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया को उसकी सख्त प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा लगता है कि 2026-27 सीजन के दौरान भी वहां मसूर का अच्छा उत्पादन होगा और अगस्त 2026 से इसके नए माल की आवक शुरू हो जाएगी। एक अन्य समीक्षक के अनुसार मसूर का बाजार फिलहाल काफी हद तक स्थिर है।
व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक जून शिपमेंट के लिए मसूर के कारोबार एवं मूल्य में मामूली बदलाव देखा जा रहा है। कुछेक निर्यातकों को उम्मीद है कि मसूर के उत्पादक अपने स्टॉक की बिक्री में थोड़ी-बहुत सक्रियता दिखा सकते हैं। विक्टोरिया प्रान्त के उत्पादक काफी सावधानी बरत रहे हैं।
मोटी जम्बो किस्म की मसूर का भाव अब भी छोटी निप्पर मसूर की तुलना में करीब 50 डॉलर प्रति टन ऊंचा चल रहा है लेकिन एक समीक्षक का कहना है कि दोनों के बीच मूल्यान्तर में कमी आई है क्योंकि श्रीलंका में बेहतर स्टॉक से मांग कमजोर पड़ गई है। खाड़ी क्षेत्र में उत्पन्न संकट का भी मसूर के निर्यात प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है।
