पेट्रोल में 30 प्रतिशत तक एथनॉल के मिश्रण की स्वीकृति

25-May-2026 05:49 PM

नई दिल्ली। भारतीय मानक ब्यूरों (बीआईएस) ने एक गजट अधिसूचना के माध्यम से पट्रोल में एथनॉल के मिश्रण के लिए ई 22, ई 27 एवं ई 30 स्टैंडर्ड के लिए विनिर्देश जारी कर दिया है। इसका मतलब यह हुआ कि आगामी समय में एथनॉल के मिश्रण का स्तर 30 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। 

एथनॉल निर्माण उद्योग कुछ समय से पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण का स्तर बढ़ाने की मांग कर रहा था। बीआईएस का यह मानक ऐसे समय में आया है जब सरकार मिश्रण के स्तर को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

इससे पहले 20 प्रतिशत के मिशन का लक्ष्य नियत किया गया था जो हासिल हो चुका है। दिलचस्प तथ्य यह है कि यह लक्ष्य 2050 तक के लिए निर्धारित हुआ था मगर 2025-26 में ही प्राप्त हो गया। 

नए विनिर्देश के तहत पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य पहले 22 प्रतिशत रहेगा, उसके प्राप्त होने के बाद यह 25 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा। वह लक्ष्य भी हासिल होने पर इसका स्तर 27 प्रतिशत पर पहुंचेगा और अंत में यह 30 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा।

इस तरह 30 प्रतिशत तक के मिश्रण के लिए सैद्धांतिक रूप से रास्ता साफ हो गया है लेकिन वह अनिवार्य नहीं होगा। गन्ना तथा खाद्यान्न (मुख्यतः मक्का एवं चावल) के उत्पादन तथा उपयोग के आधार पर एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य क्रमिक रूप से आगे बढ़ता रहेगा। इससे क्रूड खनिज तेल के आयात पर निर्भरता घटाने में सहायता मिलेगी।