कैम्पको द्वारा मालद्वीप को 30 टन सुपारी का निर्यात

01-Apr-2025 12:22 PM

मंगलोर। सेन्ट्रल अरेकानट एंड कोकोआ मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग को ऑपरेटिव (कैम्पको) द्वारा मालद्वीप को 30 टन सुपारी का निर्यात किया गया है।

कैम्पको के अध्यक्ष के अनुसार यह संस्था वैश्विक बाजार में भारतीय सुपारी का कारोबार बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि तमाम चुनौतियों के बावजूद सुपारी उत्पादकों का अधिक बेहतर बनाया जा सके। 

अपने महत्वाकांक्षी निर्यात प्रयासों के तहत कैम्पको को मालद्वीप के साथ 30 टन सुपारी के निर्यात का करार करने में सफलता मिली थी और अब इसका शिपमेंट भी कर दिया गया है।

इधर घरेलू बाजार में सुपारी की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित  की जा रही है ताकि इसकी कीमतों पर ज्यादा दबाव न पड़ सके।

इसके आधार पर यह संस्था वैश्विक बाजार में भारतीय सुपारी की मांग बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कैम्पको ब्रांड को स्थगित करने का भरपूर प्रयास भी किया जा रहा है। 

कैम्पको सुपारी का निर्यात बढ़ाने के लिए नए-नए अवसरों की तलाश कर रहा है और अनेक आयातक देशों के साथ सम्पर्क में है। दुनिया के कई देश भारतीय सुपारी के मूल्य संवर्धित उत्पादों की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 

कैम्पको अध्यक्ष का कहना था कि घरेलू प्रभाग में पुराने स्टॉक की सफेद सुपारी की अच्छी मांग बनी हुई है। इसका कारण विदेशों से घटिया क्वालिटी के माल के आयात पर काफी हद तक अंकुश लगाना है।

दरअसल इंडोनेशिया, थाईलैंड और म्यांमार जैसे देश अब भारत के बजाए चीन को भारी मात्रा में सुपारी का निर्यात करने लगे हैं। हालांकि म्यांमार से अब भी भारत के बजाए चीन को भारी मात्रा में सुपारी का निर्यात करने लगे हैं।

हालांकि म्यांमार से अब भी भारत को सुपारी भेजी जा रही है मगर इसकी मात्रा सीमित होने से स्वदेशी सुपारी का कारोबार ज्यादा प्रभावित नहीं हो रहा है।

सफेद सुपारी का भाव सुधरकर 460 रुपए प्रति किलो (कैम्पको का ऑफर मूल्य) पर पहुंच गया है जो गत वर्ष की समान अवधि में 450 रुपए चल रहा था।