कीमत नरम रहने से पाम तेल की वैश्विक खपत बढ़ने के आसार

05-Dec-2025 03:50 PM

सिंगापुर। एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी का कहना है कि खाद्य तेल बाजार में आगामी महीनों के दौरान मांग एवं आपूर्ति के बीच आसान संतुलन बना रहेगा। जिससे वर्ष 2026 में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

रेटिंग एजेंसी के मुताबिक वर्ष 2026 के दौरान क्रूड पाम तेल का औसत मूल्य 3850 से 4250 रिंगिट प्रति टन के बीच रहने की संभावना है जो वर्ष 2025 के अनुमानित औसत भाव 4300 रिंगिट प्रति टन से कम है।

पाम तेल के प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देशों में मौसम की हालत अनुकूल रहने, ऑयल पाम की औसत उपज दर में सुधार आने तथा खाद्य तेलों के वैश्विक उत्पादन की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होते जाने से इस महत्वपूर्ण वनस्पति तेल की कीमतों में नरमी या स्थिरता का माहौल बनने की संभावना है। 

रेटिंग एजेंसी के अनुसार बायोडीजल में खपत बढ़ने तथा अमरीकी डॉलर कमजोर रहने से वर्ष 2025 में सीपीओ का औसत मूल्य कुछ ऊंचा रहा।

इसके साथ-साथ अन्य खाद्य तेलों की कीमतों में आई तेजी से भी सीपीओ को कुछ सहारा मिला। वर्ष 2026 के दौरान अन्य खाद्य तेलों के साथ पाम तेल की वैश्विक खपत भी बढ़ने की संभावना है।

अमरीकी कृषि विभाग ने पाम तेल की खपत में बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया है लेकिन इसके उत्पादन की तुलना में खपत कुछ कम होने की संभावना व्यक्त की है जिससे बकाया स्टॉक कुछ बढ़ गया है। 

रेटिंग एजेंसी के अनुसार भारत जैसे शीर्ष आयातक देश द्वारा पाम तेल की अच्छी खरीद अगले साल भी जारी रखी जाएगी क्योंकि अन्य प्रतिद्वंदी खाद्य तेलों जैसे - सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल एवं रेपसीड- कैनोला तेल की तुलना में पाम तेल का निर्यात ऑफर मूल्य काफी हद तक प्रतिस्पर्धी स्तर पर रहने की उम्मीद है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की अधीनस्थ संस्था- खाद्य एवं कृषि संगठन (फाओ) ने वर्ष 2025 के मुकाबले 2026 में तेलों और वसाओं के कुल वैश्विक उपयोग में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान लगाया है।