कनाडा में सीमित कारोबार के बीच मटर का भाव नरम

20-Mar-2025 08:37 PM

रेगिना। चीन द्वारा कनाडाई मटर के आयात पर 100 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाने की घोषणा की गई है जिसके सदमे को झेलना कनाडा के उत्पादकों एवं निर्यातकों के लिए आसान नहीं होगा।

दरअसल कनाडा में अभी मटर का निर्यात योग्य विशाल स्टॉक मौजूद है जबकि इसका एक प्रमुख बाजार उसकी पहुंच से दूर होता जा रहा है।

चीन की घोषणा के बाद अन्य देशों के आयातक भी अपने बिड्स की पूर्नसमीक्षा करने में सक्रिय हो गए है और आगामी अनुबंधों के लिए नए सिरे से मूल्य निर्धारित का प्रयास  करने लगे हैं।

चीन में नया सीमा शुल्क लागू होने से कनाडा के किसानों को मटर के बिजाई क्षेत्र की अपनी योजना में कुछ बदलाव करना पड़ सकता है।

कनाडा को अपनी मटर के भारी-भरकम स्टॉक के निर्यात के लिए आगे कठिन संघर्ष करना पड़ेगा क्योंकि चीन इसका दूसरा सबसे प्रमुख खरीदार है। वहां मटर की कीमतों में नरमी आने लगी है और यदि गिरावट का सिलसिला जारी रहा तो उत्पादकों का मनोबल टूट सकता है। 

वैसे कनाडा के उत्पादकों एवं निर्यातकों को उम्मीद है कि कीमतों में गिरावट आने पर अन्य एशियाई देशों में उसकी मटर की मांग बढ़ जाएगी क्योंकि यह ज्यादा प्रतिस्पर्धा या आकर्षक मूल्य पर उपलब्ध रहेगी।

चूंकि भारत में 31 मई 2025 तक पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति प्रदान की गई है इसलिए भारतीय आयातक इस सुनहरे अवसर का भरपूर फायदा उठाने का हर संभव प्रयास अवश्य करेंगे।

भारत के अलावा बांग्ला देश, संयुक्त अरब अमीरात तथा नेपाल आदि देश  भी कनाडा से अच्छी मात्रा में मटर का आयात करते हैं। 

पश्चिमी कनाडा में तात्कालिक डिलीवरी के लिए एफओबी आधार पर पीली मटर का भाव गिरकर 9.50 डॉलर प्रति बुशेल तथा हरी मटर का दाम 16 डॉलर प्रति बुशेल पर आ गया है जबकि आगे इसमें कुछ और नरमी आ सकती है। विदेशी आयातक वहां बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर सकते हैं।

भारत पहले ही अत्यन्त विशाल मात्रा में पीली मटर का आयात कर चुका है और भारतीय बाजार में दलहनों का दाम भी गिरकर शीर्ष स्तर की तुलना में काफी नीचे आ गया है।