केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की सरकारी खरीद 10 लाख टन से ऊपर पहुंची

04-Apr-2025 12:26 PM

नई दिल्ली। घरेलू बाजार भाव नरम पड़ने तथा मध्य प्रदेश एवं राजस्थान जैसे प्रांतों में अतिरिक्त बोनस दिए जाने से 2025-26 के वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद तेज गति से हो रही है।

पंजाब तथा हरियाणा में 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद आरंभ हो गई जबकि मध्य प्रदेश राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात जैसे राज्यों में इसकी प्रक्रिया 10-15 मार्च से ही शुरू हो गई थी। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चालू रबी मार्केटिंग सीजन में 2 अप्रैल 2025 तक केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 10 लाख टन से ऊपर पहुंच गई

जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 3.50 लाख टन तक ही पहुंच सकी थी। कुछ राज्यों में खरीद की प्रक्रिया जल्दी शुरू हो जाने के कारण यह परिणाम सामने आया है। 

बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने तथा मौसम की हालत अनुकूल रहने से इस वर्ष देश में गेहूं का शानदार उत्पादन होने की उम्मीद है जिसे देखते हुए सरकार को 313 लाख टन गेहूं की खरीद का नियत लक्ष्य आसानी से हासिल हो जाने का भरोसा है।

तमाम उत्पादक राज्यों में सरकारी एजेंसियां किसानों से अधिक से अधिक मात्रा में गेहूं खरीदने का प्रयास कर रही है। ज्ञात हो कि पिछले लगातार तीन सीजन से केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की वास्तविक खरीद निर्धारित लक्ष्य से कम हो रही है जबकि इस बार लक्ष्य प्राप्त हो सकता है। 

मध्य प्रदेश में गेहूं की शानदार खरीद हो रही है। वहां इसकी मात्रा 10 लाख टन के करीब पहुंच गई है जबकि राजस्थान में 51,373 टन तथा उत्तर प्रदेश में 10,625 टन गेहूं खरीदा जा चुका है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में इस बार किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 2575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है

क्योंकि वहां केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर क्रमश: 175 रुपए तथा 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया गया है। 

हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं गुजरात जैसे राज्यों की मंडियों में चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान अब तक लगभग 26 लाख टन गेहूं की आपूर्ति हो चुकी है जो गत वर्ष की समान अवधि की आवक 9.80 लाख टन से बहुत अधिक है।