क्रूड श्रेणी के खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती

31-May-2025 04:29 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने क्रूड श्रेणी के खाद्य तेलों- पाम तेल, सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल पर बुनियादी आयात शुल्क में 50 प्रतिशत की भारी कटौती कर दी है।

पहले यह आधारभूत आयात शुल्क 20 प्रतिशत था जिसे अब घटाकर 10 प्रतिशत नियत किया गया है। इससे भारतीय रिफाइनर्स को राहत मिलेगी और क्रूड तथा रिफाइंड खाद्य तेलों के आयात पर शुल्क में अंतर बढ़ाने की उद्योग मांग भी पूरी हो जाएगी। रिफाइंड खाद्य तेलों पर आयात शुल्क के ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

अभी तक क्रूड श्रेणी के खाद्य तेल पर 20 प्रतिशत का आधारभूत आयात शुल्क, 5 प्रतिशत का कृषि ढांचा विकास सेस तथा 2.5 प्रतिशत का सामाज कल्याण शुल्क सहित कुल 27.5 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू था लेकिन अब 10 प्रतिशत का बुनियादी आयात शुल्क (बीसीडी), 5 प्रतिशत का कृषि ढांचा विकास सेस (एआईडीसी) और 1.5 प्रतिशत का समाज कल्याण शुल्क (एसडब्ल्यूएस) के साथ कुल  16.5 प्रतिशत का ही सीमा शुल्क लगेगा।

रिफाइंड खाद्य तेलों पर कुल 37.75 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगा हुआ है। स्वदेशी उद्योग सरकार से दोनों श्रेणियों के खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कम से कम 20 प्रतिशत बिंदु का अंतर रखे जाने की मांग कर रहा था।

ध्यान देने की बात है कि रिफाइंड खाद्य तेल के संवर्ग में भारत में मुख्यतः आरबीडी पामोलीन का आयात किया जाता है जिसे इंडोनेशिया एवं मलेशिया से मंगाया जाता है। 

क्रूड खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में भारी कटौती होने से भारतीय रिफाइनर्स को काफी राहत मिलेगी  और विदेशों से आयातित आरबीडी पामोलीन की चुनौती का सामना करना संभव हो सकेगा।

दरअसल शुल्कान्तर कम होने के कारण देश में रिफाइंड पामोलीन का आयात तेजी से बढ़ रहा था और पाम तेल के कुल आयात में इसकी हिस्सेदारी बढ़ती जा रही थी। अब इस पर आंशिक रूप से अंकुश लगाने की उम्मीद है।