कपास के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोतरी होने के आसार
09-Jun-2026 10:54 AM
नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कपास के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बढ़ोतरी होने के आसार हैं। उधर दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल से आगे बढ़कर कर्नाटक के तटीय इलाकों में सक्रिय हो गया है और अब महाराष्ट्र के कुछ भागों, तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ गया है।
गुजरात के किसान इस बार कपास की खेती में जबरदस्त उत्साह दिखा रहे हैं। वहां 8 जून 2026 तक इसका बिजाई क्षेत्र उछलकर 93,499 हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की इसी तिथि के क्षेत्रफल 34,011 हेक्टेयर से बहुत अधिक है। शीघ्र ही वहां रकबा एक लाख हेक्टेयर की सीमा को पार कर जाने की उम्मीद है।
एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया की फसल समिति के चेयरमैन का कहना है कि सरकार द्वारा इस बार भी कपास के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भारी बढ़ोत्तरी की गई है जिससे किसान उत्साहित हैं।
देश के मध्यवर्ती क्षेत्र (गुजरात, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश) में कपास के बिजाई क्षेत्र में इस बार 15 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक एवं तमिलनाडु) में भी रकबा 10-20 प्रतिशत बढ़ सकता है।
दूसरी ओर पंजाब एवं हरियाणा में यद्यपि कपास के रकबे में गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं मगर राजस्थान में क्षेत्रफल में अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती है जिससे उत्तरी क्षेत्र में भी कपास का कुल उत्पादन क्षेत्र 7 से 10 प्रतिशत तक बढ़ने के आसार हैं।
चेयरमैन के मुताबिक अगर 2026-27 के वर्तमान खरीफ सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर कपास का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 130 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंच जाए तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी। पिछले साल इसका रकबा 114.82 लाख हेक्टेयर था।
