कपास का उत्पादन 309 लाख गांठ होने का व्यापारिक अनुमान
08-Dec-2025 03:15 PM
मुंबई। एक अग्रणी व्यापारिक संस्था-कॉटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (सीएआई) ने 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान देश में 309 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) कपास के उत्पादन की सम्भावना व्यक्त की है जो 2024-25 सीजन के अनुमानित उत्पादन 312 लाख गांठ से महज 3 लाख गांठ कम है। हालांकि समीक्षाधीन अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कपास के बिजाई क्षेत्र में 3 लाख हेक्टेयर की गिरावट आ गयी और मानसून सीजन के दौरान अधिशेष वर्षा एवं बाढ़ से फसल को नुकसान भी हुआ जिसे देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कपास की पैदावार घटकर 300 लाख गांठ से भी नीचे आने का अनुमान लगाया है लेकिन एसोसिएशन का मानना है कि बाढ़-वर्षा से फसल को सीमित क्षति हुई और बची हुई फसलों की हालत काफी अच्छी रही जिससे इसकी औसत उपज दर में सुधार देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि एसोसिएशन ने नवम्बर की अपनी रिपोर्ट में 305 लाख गांठ कपास के उत्पादन की सम्भावना व्यक्त की थी मगर दिसंबर की रिपोर्ट में उत्पादन का आकड़ा 4 लाख गांठ बढ़ा दिया। ध्यान देने की बात है कि देश के 11 शीर्ष रुई उत्पादक राज्यों में अवस्थित अपने सदस्यों एवं अन्य व्यापारिक स्रोतों से प्राप्त इनपुट के आधार पर एसोसिएशन द्वारा प्रत्येक कपास के घरेलू उत्पादन, उपयोग, कारोबार एवं बकाया स्टॉक का आकड़ा जारी किया जाता है। दिसंबर रिपोर्ट के आकड़े के बारे में कहा गया है कि इसमें 3 प्रतिशत की कमी-वृद्धि हो सकती है।
एसोसिएशन के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन के शुरूआती दो महीनों में यानी अक्टूबर-नवम्बर 2025 के दौरान देश में कुल 69.8 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ। समूचे मार्केटिंग सीजन में कपास की घरेलू खपत घटकर 295 लाख गांठ पर सिमटने का अनुमान लगाया गया है जो 2024-25 सीजन की कुल खपत 314 लाख गांठ से 19 लाख गांठ कम है। इस वर्ष देश से 18 लाख गांठ रुई के निर्यात का अनुमान लगाया गया है जो पिछले साल के बराबर ही है।
