लालमिर्च में मंदे की संभावना नहीं
31-Mar-2026 06:33 PM
नई दिल्ली। वर्तमान में लालमिर्च के भाव मजबूती के साथ बोले जा रहे हैं। चालू सीजन के दौरान पैदावार में कमी आने के कारण कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। उल्लेखनीय है कि उत्पादक केन्द्रों पर लालमिर्च बिजाई क्षेत्रफल में 30/35 प्रतिशत की कमी आने के अलावा मौसम भी प्रतिकूल रहा। जिस कारण आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना एवं कर्नाटक में भी लालमिर्च का उत्पादन घटने के समाचार है।
जानकारों का कहना है कि बांग्ला देश के अलावा चीन की लिवाली भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। उल्लेखनीय है कि विगत कुछ समय से चीन की लिवाली काफी कम थी। इसके अलावा लोकल स्टॉकिस्टों की मांग भी अच्छी चल रही है। जिस कारण वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर लालमिर्च तेजा क्वालिटी का भाव गत वर्ष की इसी समयावधि की तुलना में 60/70 रुपए प्रति किलो ऊंचे चल रहे हैं। वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 192/193 रुपए बोला जा रहा है जबकि खम्मम मंडी में भाव 194 रुपए चल रहा है। वारंगल में तेजा का भाव 180/189 रुपए बोला जा रहा है। उल्लेखनीय है कि चालू माह के शुरू में गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 186 रुपए एवं खम्मम में 190 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है जबकि वारगंल में भाव 190 रुपए चल रहा था।
मन्दा नहीं
व्यापारियों का मानना है कि लालमिर्च के वर्तमान दामों में मंदे के आसार नहीं है। क्योंकि पैदावार में कमी आने के अलावा बकाया स्टॉक भी कम है। साथ ही अप्रैल माह में मंडियों में आवक भी घटनी शुरू हो जाएगी। जानकारों का कहना है कि वर्ष 2026 के दौरान लालमिर्च के भावों में तेजी रहने की संभावना है। हो सकता है आगामी दिनों में लालमिर्च का भाव 225 रुपए का स्तर क्रॉस कर जाए।
