महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन 11.54 लाख टन पर पहुंचा

14-Dec-2024 04:23 PM

पुणे । चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान महाराष्ट्र में 146.23 लाख टन गन्ना की क्रशिंग से 115.42 लाख क्विंटल (11.54 लाख टन) चीनी का उत्पादन पहले ही हो चुका है जबकि उत्पादन की प्रक्रिया अभी जारी है। गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर 7.87 प्रतिशत दर्ज की गई। 

केन्द्र सरकार ने सहकारी समितियों के लिए अनेक कर (टैक्स) राहत उपायों की घोषणा की है जिसके तहत सरचार्ज में कटौती वैकल्पिक न्यूनतम टैक्स की दर, सहकारी समितियों (सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों सहित) के लिए नकद कारोबार सीमा में छूट,

सहकारी क्षेत्र में स्थापित होने वाली नई मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए रियायती शुल्क की दर तथा सहकारी चीनी मिलों के लम्बे समय से अटके टैक्स सम्बन्धी मुद्दों को सुलझाने के लिए 10,000 करोड़ रुपए की अनुमानित राहत राशि प्रदान करना आदि शामिल है। 

हालांकि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन घटने की संभावना है लेकिन 2025-26 के सीजन में उत्पादन बढ़ने के आसार हैं। महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में गन्ना की पैदावार में वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

उद्योग समीक्षकों के अनुसार यदि मौसम अनुकूल बना रहा तो अगले मार्केटिंग सीजन में सरकार 30 से 50 लाख टन तक चीनी का निर्यात करने की अनुमति प्रदान कर सकती है।

चीनी की घरेलू मांग बढ़कर 300 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है। इसमें प्रति वर्ष 2.2 प्रतिशत की औसत बढ़ोत्तरी हो रही है।

सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ब्राजील में शुष्क एवं गर्म मौसम के कारण गन्ना तथा चीनी के उत्पादन में गिरावट आने की संभावना है।

चीनी का वैश्विक बाजार भाव कुछ ऊंचा चल रहा है। थाईलैंड में उत्पादन बढ़ने के आसार हैं जिससे अगले साल बाजार में चीनी की आपूर्ति बढ़ सकती है।