महत्वपूर्ण रबी फसलों की बिजाई गत वर्ष से पीछे

15-Nov-2024 11:17 AM

नई दिल्ली । देश के प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों से प्राप्त आरंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि चालू वर्ष के दौरान 8 नवम्बर तक राष्ट्रीय स्तर पर रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र घटकर 146.06 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 157.73 लाख हेक्टेयर से 7.4 प्रतिशत कम है।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान गेहूं, चना, सरसों एवं ज्वार का क्षेत्रफल घट गया, धान के रकबे में मामूली वृद्धि हुई जबकि मक्का का बिजाई क्षेत्र तेजी से बढ़ गया। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं का क्षेत्रफल इस बार 41.30 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो पिछले साल के बिजाई क्षेत्र 48.87 लाख हेक्टेयर से 10.4 प्रतिशत घटकर 24.57 लाख हेक्टेयर तथा सबसे प्रमुख तिलहन-सरसों का रकबा 50.73 लाख हेक्टेयर से 1.6 प्रतिशत फिसलकर 49.90 लाख हेक्टेयर रह गया।

इसके अलावा ज्वार का बिजाई क्षेत्र भी 8.93 लाख हेक्टेयर से 25 प्रतिशत घटकर 6.69 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। ज्ञात हो कि ज्वार की खेती मुख्यत: खरीफ सीजन में होती है जबकि रबी सीजन के दौरान भी देश के कुछ भागों में इसकी बिजाई की जाती है। खरीफ सीजन में ज्वार का उत्पादन क्षेत्र बढ़ा था। 

दूसरी ओर शीतकालीन सीजन (रबी) में धान का उत्पादन क्षेत्र 6.99 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 7.04 लाख हेक्टेयर, मक्का का बिजाई क्षेत्र 1.80 लाख हेक्टेयर  से 50 प्रतिशत उछलकर 2.71 लाख हेक्टेयर,

मसूर का क्षेत्रफल 3.85 प्रतिशत से 11.2 प्रतिशत बढ़कर 4.28 लाख हेक्टेयर तथा जौ का रकबा 27 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 69 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन के लिए गेहूं का उत्पादन लक्ष्य 1150 लाख टन, चावल का 145.50 लाख टन, मक्का का 120 लाख टन, चना का 136.50 लाख टन, मसूर का 16.50 लाख टन, सरसों का 138 लाख टन तथा जौ का उत्पादन लक्ष्य 22.50 लाख टन निर्धारित किया है।

इसके अलावा रबी सीजन में मूंगफली, मटर, उड़द, मूंग एवं अलसी सहित कुछ अन्य फसलों का भी उत्पादन होता है। आगामी समय का मौसम उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण होगा।