मक्का, जौ और रागी की बिजाई गत वर्ष से आगे

09-Dec-2025 02:39 PM

नई दिल्ली। हालांकि मक्का तथा रागी का अधिकांश उत्पादन खरीफ सीजन के दौरान होता है मगर रबी सीजन में भी इसकी अच्छी खेती हो जाती है इसी तरह ज्वार की बिजाई भी खरीफ एवं रबी दोनों सीजन में होती है जबकि जौ रबी सीजन की खास फसल मानी जाती है। 

आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि मौजूदा रबी सीजन में 5 दिसंबर 2025 तक की अन्न एवं मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 36.28 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया था जो पिछले साल की सामान अवधि के बिजाई क्षेत्र 35.94 लाख हेक्टेयर से 34 हजार हेक्टेयर अधिक है। 

गत वर्ष के मुकाबले वर्तमान रबी सीजन के दौरान मोटे अनाजों के संवर्ग में ज्वार का उत्पादन क्षेत्र 18.56 लाख हेक्टेयर से घटकर 18.08 लाख हेक्टेयर रह गया लेकिन मक्का का बिजाई क्षेत्र 11.05 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 11.41 लाख हेक्टेयर, जौ का क्षेत्रफल 5.68 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.95 लाख हेक्टेयर तथा रागी का रकबा 46 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 64 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया। इसके आलावा सीमित क्षेत्रफल में बाजरा एवं स्मॉल मिलेटस की भी बिजाई हुई है। 

श्री अन्न तथा मोटे अनाजों का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल इस बार 55.33 लाख हेक्टेयर आंका गया है जिसमे अकेले मक्का का क्षेत्रफल 23.61 लाख हेक्टेयर तथा ज्वार का क्षेत्रफल 24.62 लाख हेक्टेयर निर्धारित हुआ है। जौ का क्षेत्रफल 5.63 लाख हेक्टेयर नियत हुआ है जबकि इसकी वास्तविक बिजाई क्षेत्र उससे आगे निकल चुका है। राजस्थान में जौ की खेती में उत्पादकों का उत्साह एवं आकर्षण बरकरार है क्योंकि वहां किसानो को इससे अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। 

मक्का का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे आने के बावजूद इसका रकबा गत वर्ष से कुछ आगे चल रहा है मगर इसके अंतर् में कमी आ गयी है। आगामी समय में बिजाई पर कमजोर बाजार भाव का कुछ असर पड़ सकता है। मौसम की हालत फ़िलहाल अनुकूल मगर किसानो का रुझान गेहूं तथा सरसो की तरफ ज्यादा है।