मानसून के बाद 20 प्रतिशत अधिशेष वर्षा के बावजूद बांधों में जल स्तर घटा

12-Dec-2025 07:53 PM

नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून का समय गुजरने के बाद 1 अक्टूबर से 10 दिसम्बर 2025 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य औसत के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। इसके तहत पश्चिमोत्तर क्षेत्र में 62 प्रतिशत तथा मध्यवर्ती भाग में 39 प्रतिशत अधिशेष वर्षा दर्ज की गई जबकि अन्य इलाकों में इसकी अधिकता कम रही। पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत में सामान्य औसत से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश हुई। 

इस अवधि के दौरान अधिकांश वर्षा अक्टूबर एवं नवम्बर महीने में हुई जबकि दिसम्बर में इसका भारी अभाव देखा जा रहा है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गत सप्ताह देश के पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी एवं मध्यवर्ती राज्यों में बारिश बिल्कुल नहीं हुई और दक्षिणी भाग में भी सामान्य औसत से 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इसके फलस्वरूप राष्ट्रीय स्तर पर 166 प्रमुख बांधों एवं सरोवरों में जल स्तर घटकर उसकी कुल भंडारण क्षमता के 85 प्रतिशत से भी नीचे आ गया। 

देश के पूर्वी भाग में तो पानी का स्तर गिरकर 80 प्रतिशत से नीचे आ गया जबकि उत्तरी क्षेत्र में यह 80 प्रतिशत से कुछ ही ऊपर रहा।

देश के पश्चिमी राज्यों में भंडारण क्षमता के सापेक्ष पानी का स्टॉक 90 प्रतिशत से ऊपर के स्तर पर बरकरार है जबकि मध्यवर्ती एवं दक्षिणी भारत में यह 80 प्रतिशत से काफी ऊपर है।

कुल मिलाकर बांधों-जलाशयों में पानी का अभी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है जिससे रबी फसलों की सिंचाई में ज्यादा समस्या उत्पन्न नहीं होगी।

यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश हो जाती है तो किसानों को राहत मिलेगी और फसलों की निर्बाध प्रगति संभव हो सकेगी।