मानसून पूर्व की अच्छी बारिश होने से कर्नाटक में खरीफ फसलों की बिजाई जल्दी शुरू

03-Jun-2025 10:47 AM

बंगलोर। देश के दक्षिणी क्षेत्र में अवस्थित एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्य- कर्नाटक में इस वर्ष मानसून पूर्व की अधिशेष बारिश होने और दक्षिण- पश्चिम मानसून के सीजन में भी नियमित रूप से वर्षा का दौर जारी रहने से किसानों को विभिन्न खरीफ फसलों की बिजाई जल्दी शुरू करने का अवसर मिल रहा है।

इसके तहत खासकर मक्का, तुवर सहित अन्य दलहन, सोयाबीन सहित अन्य तिलहन एवं कपास आदि शामिल है। मौसम विभाग के अनुसार 1 मार्च से 31 मई 2025 के दौरान कर्नाटक में मानसून पूर्व की 286 मि० बारिश हुई जो 115 मि०मी० के सामान्य औसत से 149 प्रतिशत अधिक रही।

कृषि विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष 31 मई तक कर्नाटक में 3.06 लाख हेक्टेयर में विभिन्न खरीफ फसलों की बिजाई पूरी हो चुकी थी जबकि पिछले साल की समान अवधि में क्षेत्रफल का आंकड़ा 2.36 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा था।

कृषि विभाग ने चालू खरीफ सीजन के लिए राज्य में 111.40 लाख टन खाद्यान्न के उत्पादन का लक्ष्य नियत किया है जिसमें 96.14 लाख टन अनाज एवं 15.26 लाख टन दलहन का लक्ष्य शामिल है।

इसके अलावा वहां 8.68 लाख टन तिलहन के उत्पादन का लक्ष्य भी निर्धारित किया किया गया। इसके अलावा वहां 8.68 लाख टन तिलहन के उत्पादन का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। 

मानसून पूर्व की दूर-दूर तक अच्छी बारिश होने से किसानों को समय से पहले ही अपने खेतों को तैयार करने और अनेक क्षेत्रों में विभिन्न फसलों की बिजाई आरंभ करने में सफलता प्राप्त हो गई।

वहां बिजाई की रफ्तार अब भी काफी तेज है जिससे फसलों का रकबा लगातार बढ़ते जाने की उम्मीद है। विभिन्न जिलों में ज्वार, मक्का, मूंग, उड़द एवं कपास की बिजाई जोर-शोर से हो रही है।

मक्का का क्षेत्रफल 71,400 हेक्टेयर पर पहुंचा है जो गत वर्ष के 27,400 हेक्टेयर से 160 प्रतिशत ज्यादा है। मालूम हो कि कर्नाटक खरीफ कालीन मक्का के शीर्ष उत्पादक राज्यों में शामिल है। तुवर के उत्पादन में वह देश का अग्रणी राज्य है।