मार्च के अंत तक गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से 6 लाख टन आगे

02-Apr-2025 12:43 PM

नई दिल्ली। राजस्थान में 10 मार्च से तथा मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में 15-16 मार्च से खरीद की प्रक्रिया आरंभ होने से गेहूं की सरकारी खरीद 31 मार्च 2025 तक बढ़कर 8.50 लाख टन के करीब पहुंच गई जो पिछले साल की इसी अवधि तक की खरीद लगभग 2.50 लाख टन से 6 लाख टन ज्यादा है।

मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। समीक्षकों के मुताबिक मंडियों में बढ़ रही आपूर्ति एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही जोरदार कोशिश को देखते हुए लगता है कि चालू वर्ष के लिए निर्धारित 313 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य हासिल हो जाएगा।

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने चालू वर्ष के दौरान गेहूं का घरेलू उत्पादन तेजी से बढ़कर 1154 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जबकि उद्योग-व्यापार संगठनों ने का सीजन औपचारिक तौर पर आरंभ हो गया और अप्रैल-मई के दो महीनों में वहां एजेंसियों द्वारा विशाल मात्रा में गेहूं खरीदे जाने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को गेहूं पर 2415 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर 175 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की है जिससे वहां किसानों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य प्राप्त होगा। वहां मंडी भाव घटकर नीचे आने से सरकारी क्रय केन्द्रों पर गेहूं की आवक बढ़ती जा रही है। 

मध्य प्रदेश में 15 मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद आरंभ हुई और शुरुआती 16 दिनों से यानी 31 मार्च तक वहां करीब 8 लाख टन गेहूं की खरीद हो गई। पिछले साल की इसी अवधि में 2.50 लाख टन से भी कम गेहूं खरीदा गया था।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान राजस्थान में भी गेहूं की सरकारी खरीद 3500 टन से बढ़कर 40 हजार टन के करीब पहुंच गई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में करीब 3 हजार टन तथा गुजरात में लगभग 250 टन गेहूं खरीदा गया।

पंजाब केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देने वाला राज्य है। वहां इस खाद्यान्न की खरीद की प्रक्रिया आरंभ हो गई है जबकि बैसाखी पर्व के बाद खरीद की रफ्तार जोर पकड़ने की उम्मीद है। इस बीच हरियाणा सहित अन्य राज्यों में गेहूं की जोरदार खरीद जारी रहेगी।