मार्च में खाद्य तेलों का आयात सुधरकर 9.68 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान
03-Apr-2025 04:38 PM
मुम्बई। पाम तेल एवं सोयाबीन तेल की अधिक मात्रा मंगाए जाने के कारण मार्च में फरवरी के मुकाबले खाद्य तेलों के कुल आयात में बढ़ोत्तरी हो गई। वैसे सूरजमुखी तेल का आयात घट गया।
उद्योग व्यापार क्षेत्र के वरिष्ठ विश्लेषकों के अनुसार फरवरी की तुलना में मार्च 2025 के दौरान देश में खाद्य तेलों का कुल आयात 9.3 प्रतिशत बढ़कर 9.68 लाख टन पर पहुंच गया।
इसके तहत पाम तेल का 132 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4.23 लाख टन तथा सोयाबीन तेल का आयात 24 प्रतिशत उछलकर 3.52 लाख टन पर पहुंचा जबकि सूरजमुखी तेल का आयात 15.5 प्रतिशत घटकर 1.93 लाख टन पर अटक गया जो पिछले छह माह का सबसे निचला स्तर रहा।
उपरोक्त आंकड़ा उद्योग व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों का है। मध्य प्रदेश में जब उद्योग संगठन-सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) की मासिक रिपोर्ट जारी होगी तब खाद्य तेलों के आयात का विवरण पूरी तरह सामने आ जाएगा।
विश्लेषकों के अनुसार यद्यपि पाम तेल का आयात 13.2 प्रतिशत बढ़कर 4.23 लाख टन पर पहुंचा मगर फिर भी सामान्य औसत मासिक आयात से कम रहा।
विश्लेषकों ने मार्च में पाम तेल का आयात बढ़कर 5 लाख टन से ऊपर पहुंच जाने का अनुमान लगाया था। 'सी' के आंकड़ों से पता चलता है कि 2023-24 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान देश में प्रति माह औसतन 7.50 लाख टन से अधिक पाम तेल का आयात हुआ था।
समीक्षकों के अनुसार दुनिया में खाद्य तेलों के सबसे प्रमुख आयातक देश- भारत में मार्च 2025 के दौरान पाम तेल का आयात सामान्य औसत से काफी कम होने के कारण मलेशिया में इसके वायदा मूल्य पर दबाव बढ़ सकता है जबकि शिकागो में सोयाबीन तेल का वायदा भाव कुछ सुधर सकता है।
एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार पिछले कुछ महीनों से सोयाबीन तेल के मुकाबले पाम तेल का आयात महंगा बैठ रहा है जिससे भारत में इसकी मांग कमजोर देखी जा रही है।
ज्ञात हो की फरवरी 2025 में खाद्य तेलों का आयात घटकर पिछले चार महीनों के निचले स्तर पर आ गया था। समीक्षकों के मुताबिक अप्रैल और मई शिपमेंट के लिए भी सोयाबीन तेल की तुलना में पाम तेल का ऑफर मूल्य प्रमुख निर्यातक देशों में ऊंचा बोला जा रहा है। इसे देखते हुए इन दो महीनों में भी भारत में पाम तेल का आयात 5 लाख टन से कम होने की संभावना है।
