मार्च- मई की तिमाही में 35 लाख टन सरसों की क्रशिंग होने का अनुमान

04-Jun-2025 03:35 PM

जयपुर। रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों की आपूर्ति एवं क्रशिंग की गति मार्च से मई के दौरान काफी तेज रही और मंडियों में कीमत भी अपेक्षाकृत कुछ ऊपर रही। क्रशिंग इकाइयों को अच्छा मार्जिन मिला क्योंकि सरसों तेल एवं खल का भाव सामान्य देखा गया। 

जयपुर के चांदपोल की अनाज मंडी में अवस्थित लोकप्रिय प्रतिष्ठान- मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर- अनिल चतर द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार चालू रबी मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही में यानी मार्च-मई 2025 के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्यों में कुल 50.25 लाख टन सरसों की आपूर्ति हुई। इसमें से 40.50 लाख टन की आवक खुली मंडियों में तथा शेष 9.75 लाख टन की आवक सरकारी क्रय केन्द्रों पर हुई। 

एजेंसी के अनुसार तेल मिलों में मार्च के दौरान 11.50 लाख टन, अप्रैल में 13 लाख टन तथा मई में 10.50 लाख टन के साथ पूरी तिमाही में कुल 35 लाख टन सरसों की क्रशिंग होने का अनुमान है। सरकारी एजेंसियों- नैफेड तथा हैफेड के पास 7 लाख टन सरसों का पुराना स्टॉक बचा हुआ था जबकि चालू सीजन के दौरान उसने 9.75 लाख टन की खरीद की जिससे कुल स्टॉक बढ़कर 16.75 लाख टन हो गया। इसमें से 1.25 लाख टन की बिक्री हो गई और 1 जून को उसके पास 15.50 लाख टन सरसों का स्टॉक उपलब्ध था। 

प्रतिष्ठान के अनुसार 1 मार्च 2025 को देश में 1.00 लाख टन सरसों का स्टॉक था जबकि सीजन के दौरान 109.25 लाख टन का उत्पादन हुआ। इसमें से खुली मंडियों / सरकारी क्रय केन्द्रों में 50.25 लाख टन की आवक हुई और इस तरह 1 जून को किसानों के पास 60 लाख टन सरसों का स्टॉक बच गया। इसके अलावा प्रोसेसर्स / स्टॉकिस्ट के पास 7.75 लाख टन तथा सरकारी एजेंसी के पास 15.50 लाख टन का स्टॉक है जिससे कुल स्टॉक 83.25 लाख टन बैठ रहा है।