मोटे अनाजों का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से करीब 4.50 लाख हेक्टेयर आगे
03-Dec-2024 03:13 PM
नई दिल्ली । ज्वार, मक्का एवं जौ की बेहतर बिजाई के कारण रबी कालीन मोटे अनाजों का क्षेत्रफल गत वर्ष से आगे निकल गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 29.25 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पिछले साल के 24.70 लाख हेक्टेयर से लगभग 4.50 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
तहत ज्वार का उत्पादन क्षेत्र 14.10 लाख हेक्टेयर से उछलकर 17.45 लाख हेक्टेयर, मक्का का बिजाई क्षेत्र 653 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.87 लाख हेक्टेयर तथा जौ का क्षेत्रफल 3.65 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 4.27 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
इसी तरह रागी का रकबा भी गत वर्ष के 37 हजार हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 53 हजार हेक्टेयर हो गया। इसके अलावा बाजरा तथा स्मॉल मिलेट्स की खेती भी सीमित क्षेत्रफल में हुई है।
चालू रबी सीजन के लिए सामान्य औसत क्षेत्रफल ज्वार के लिए 24.37 लाख हेक्टेयर, मक्का के लिए 22.11 लाख हेक्टेयर तथा जौ के लिए 5.63 लाख हेक्टेयर नियत हुआ है।
इसी तरह बाजरा का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 92 हजार हेक्टेयर, रागी का 68 हजार हेक्टेयर तथा स्माल मिलेट्स का 11 हजार हेक्टेयर आंका गया है। बाजरा का उत्पादन मुख्यतः खरीफ सीजन के दौरान होता है।
मोटे अनाजों का सामान्य औसत क्षेत्रफल 53.82 लाख हेक्टेयर पर आंका गया है जबकि इसकी कुल बिजाई 29.25 लाख हेक्टेयर में हुई है। इसका मतलब पर हुआ कि बिजाई की प्रक्रिया अगले कुछ सप्ताहों तक जारी रहेगी।
रबी सीजन में मक्का का सर्वाधिक उत्पादन बिहार में होता है जहां खरीफ फसलों की अभी जोरदार कटाई-तैयारी हो रही है। बाजार भाव काफी आकर्षक होने से किसान इस बार मक्का की खेती में भारी उत्साह दिखा सकती है।
