मटर की वैश्विक उपलब्धता बढ़ने से कीमतों पर रहेगा दबाव
26-Sep-2025 05:41 PM
रेगिना। औसत उपज दर की जो रिपोर्ट सामने आ रही है उससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि चालू वर्ष के दौरान रूस, कनाडा एवं अमरीका जैसे देशों में मटर की पैदावार एवं आपूर्ति उपलब्धता में बढ़ोत्तरी होगी।
ये तीनों देश मटर के शीर्ष उत्पादक एवं निर्यातक हैं और वहां बेहतर उत्पादन होने से निर्यात योग्य स्टॉक ऊंचा हो जाएगा। वैश्विक बाजार में अपने उत्पाद का निर्यात बढ़ाने के लिए इन देशों के बीच तगड़ी प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी जिससे मटर की कीमतों पर दबाव रहने की संभावना है।
चीन में कनाडा मटर के आयात पर 100 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लगा हुआ है जबकि वह इसका प्रमुख खरीदार रहा है। समीक्षकों के अनुसार पिछले कुछ समय से कनाडाई मटर बाजार पर भारी दबाव देखा जा रहा है क्योंकि भारत भी इसकी खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रहा है।
भारत सरकार पर मटर के लिए भारी-भरकम आयात शुल्क लगाने के लिए दबाव डाला जा रहा है। कुछ लोगों का मानना है कि दीपावली के बाद सरकार इस पर कुछ निर्णय ले सकती है खरीफ कालीन दलहनों का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है और रबी कालीन दलहनों की बिजाई तब तक जोर पकड़ सकती है।
यदि भारत में मटर पर सीमा शुल्क बढ़ा अथवा कोई गैर शुल्कीय नियंत्रण लगाया गया तो कनाडा को अपने विशाल स्टॉक का निर्यात करने में भारी कठिनाई होगी।
पश्चिमी कनाडा की मंडियों में फिलहाल पीली मटर का भाव 6.40-6.75 डॉलर प्रति बुशेल तथा हरी मटर का दाम 9.50-10,00 डॉलर प्रति बुशेल चल रहा है जिसमें चिपटे दाने का अंश 3 प्रतिशत से ज्यादा न हो।
मापले मटर की कीमत भी गिरकर 9.00-9.50 डॉलर प्रति बुशेल रह गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि शुरुआती गिरावट के बाद मटर का भाव अब स्थिर हो गया है
लेकिन निकट भविष्य में व्यापार में तेजी आने की संभावना बहुत कम है क्योंकि इसकी विशाल आपूर्ति एवं उपलब्धता के मुकाबले मांग कमजोर बनी रह सकती है।
