मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने का अनुमान

02-Dec-2025 08:27 PM

नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के दौरान देश के मैदानी भागों में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में औसत अपेक्षाकृत कम ठंडा रहेगा और तापमान कुछ ऊंचा रह सकता है। दरअसल माना जा रहा है कि ला नीना मौसम चक्र की सक्रियता के कारण जलवायु एवं तापमान में इस तरह का उलट फेर हो सकता है। 

मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार देश के मध्यवर्ती एवं पश्चिमोत्तर भाग तथा दक्षिणी प्रायद्वीप के मैदानी क्षेत्रों में इस बार जाड़े के दिनों में सामान्य से अधिक ठंड का अनुभव होने की संभावना है लेकिन दूसरी ओर पश्चिमी हिमालय क्षेत्र की पहाड़ियों, हिमालय की तलहटी वाले भागों तथा देश के पूर्वोत्तर राज्यों  में दिसम्बर से फरवरी के दौरान अपेक्षाकृत कम ठंड पड़ेगी क्योंकि वहां तापमान सामान्य से कुछ ऊंचा रह सकता है।

मैदानी क्षेत्रों में ज्यादा ठंड पड़ने की अथवा घना कोहरा छाने और ओलावृष्टि होने पर रबी फसलों को काफी नुकसान हो सकता है। जम्मू कश्मीर में भारी बर्फबारी शुरू हो चुकी है और उत्तराखंड, लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश में भी हिमपात होने की संभावना है। 

मौसम विभाग के अनुसार यद्यपि अल नीनो मौसम चक्र का ठंडे मौसम के साथ कोई सीधा सम्बन्ध नहीं है लेकिन इसका कुछ परोक्ष असर पड़ सकता है। इसके अलावा सोलर (ध्रुवीय) वोर्टेक्स के प्रभाव से भारत के मैदानी इलाकों में मौसम ज्यादा ठंडा हो सकता है।

उत्तरी ध्रुव की ओर से आने वाली ठंडी हवा भारत में अपना प्रकोप दिखा सकती है पोलर वोर्टेक्स तक दीर्घकालीन कम दाब का सिस्टम होता है जो उत्तरी या दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित होता है और जाड़े  के दिनों में इसकी सघनता, तीव्रता एवं गतिशीलता बढ़ जाती है।  

आईएमडी का कहना है कि चालू माह (दिसम्बर- 2025) के दौरान मध्यवर्ती एवं पश्चिमोत्तर भारत के अधिकांश इलाकों और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी क्षेत्रों में मासिक न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रह सकता है जबकि देश के अन्य क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य या इससे कुछ ऊपर रहने की उम्मीद है।