मध्य प्रदेश में प्रमुख रबी फसलों का क्षेत्रफल नियत लक्ष्य से पीछे

17-Dec-2024 07:45 PM

भोपाल । देश के एक अग्रणी कृषि उत्पादक राज्य- मध्य प्रदेश में गेहूं, जौ, चना, मसूर, मटर एवं सरसों जैसी प्रमुख रबी फसलों की बिजाई का अभियान जारी है और धीरे-धीरे इसका क्षेत्रफल नियत लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।

जौ का रकबा तो लक्ष्य को पहले ही पार कर चुका है जबकि मसूर, मटर का बिजाई क्षेत्र भी लक्ष्य के काफी करीब पहुंच गया है। लेकिन गेहूं, चना और सरसों के नियत लक्ष्य एवं  वास्तविक उत्पादन क्षेत्र के बीच अभी लम्बा अंतर बरकरार है। 

राज्य कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में आगामी फसलों के संवर्ग में इस बार गेहूं के उत्पादन क्षेत्र का लक्ष्य 91.86 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया है जबकि 13 दिसम्बर तक इसका बिजाई क्षेत्र 81.60 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका।

इस तरह लक्ष्य के मुकाबले गेहूं का वास्तविक रकबा अभी 10.26 लाख हेक्टेयर पीछे चल रहा है। दूसरी ओर जौ का बिजाई क्षेत्र 36 हजार हेक्टेयर के नियत लक्ष्य को पार करते हुए 41 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया है। 

दलहन फसलों में चना की बिजाई का लक्ष्य 20.52 लाख हेक्टेयर, मसूर का 7.92 लाख हेक्टेयर तथा मटर का 2.67 लाख हेक्टेयर निर्धारित हुआ है जबकि इसका वास्तविक रकबा क्रमश: 19.21 लाख हेक्टेयर, 7.31 लाख हेक्टेयर तथा 2.40 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंचा है।

इस तरह निर्धारित लक्ष्य की तुलना में चना का उत्पादन क्षेत्र 1.31 लाख हेक्टेयर, मसूर का बिजाई क्षेत्र 61 हजार हेक्टेयर तथा मटर क्षेत्रफल 27 हजार हेक्टेयर पीछे है।  

जहां तक सरसों का सवाल है तो इसकी बिजाई का लक्ष्य इस बार 14.61 लाख हेक्टेयर निर्धारित हुआ है जबकि 13 दिसम्बर तक इसका उत्पादन क्षेत्र 12.16 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो नियत लक्ष्य से 2.45 लाख हेक्टेयर पीछे है।

बेशक मध्य प्रदेश में रबी फसलों की बिजाई अभी जारी है लेकिन इसकी गति धीमी पड़ने लगी है। गेहूं तथा सरसों का रकबा नियत लक्ष्य से कुछ पीछे रह सकता है। गेहूं का भाव किसानों के लिए आकर्षक बना हुआ है।