मध्य दिसम्बर तक चीनी का उत्पादन गत वर्ष से 13.35 लाख टन पीछे
16-Dec-2024 08:41 PM
नई दिल्ली । सहकारी चीनी मिलों के शीर्ष संगठन- नेशनल फेडरशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में 1 अक्टूबर से 15 दिसम्बर 2024 के दौरान देश में चीनी का कुल उत्पादन 60.85 लाख टन तक ही पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के उत्पादन 74.20 लाख टन से 13.35 लाख टन कम है।
समीक्षाधीन अवधि में क्रियाशील चीनी मिलों की संख्या 501 से घटकर 472 रह गई। गन्ना की क्रशिंग 850.90 लाख टन से गिरकर 719.24 लाख टन पर सिमट गई और गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर भी 8.72 प्रतिशत से फिसलकर 8.46 प्रतिशत रह गई।
फेडरेशन के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 22.65 लाख टन से सुधरकर 22.95 लाख टन पर पहुंचा मगर महाराष्ट्र में 24.85 लाख टन से लुढ़ककर 16.80 लाख टन तथा कर्नाटक में 17.50 लाख टन से घटकर 13.50 लाख टन पर अटक गया।
इसी तरह गुजरात, बिहार एवं तमिलनाडु में भी चीनी का उत्पादन गत वर्ष से पीछे चल रहा है। फेडेरशन के आंकड़ों से पता चलता है कि चीनी का उत्पादन गुजरात में 2.65 लाख टन से घटकर 1.80 लाख टन, बिहार में 1.60 लाख टन से फिसलकर 1.50 लाख टन तथा तमिलनाडु में 1.80 लाख टन से गिरकर 90 हजार टन रह गया। अन्य राज्यों के उत्पादन में भी थोड़ा-बहुत उतार-चढ़ाव आया।
चालू सीजन के दौरान 15 दिसम्बर तक आंध्र प्रदेश में 25 हजार टन, हरियाणा में 70 हजार टन, मध्य प्रदेश में 65 हजार टन, पंजाब में 30 हजार टन, तेलंगाना में 50 हजार टन,
उत्तराखंड में 85 हजार टन तथा देश के अन्य राज्यों में 15 हजार टन चीनी का उत्पादन हुआ। दिलचस्प तथ्य यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर चीनी के कुल उत्पादन में तीन शीर्ष उत्पादक राज्यों का योगदान 87.60 प्रतिशत के सापेक्ष 87.51 प्रतिशत रहा।
