म्यांमार से उड़द एवं तुवर का अच्छा निर्यात जारी
02-Dec-2025 01:38 PM
रंगून। भारत के पूर्वोत्तर पड़ोसी देश- म्यांमार में आगामी नई फसल की कटाई-तैयारी शुरू होने से पूर्व उत्पादकों द्वारा अपने दलहनों के स्टॉक की भारी बिक्री की जा रही है जिससे निर्यातकों को उड़द, तुवर एवं मूंग आदि का अच्छा शिपमेंट करने का अवसर मिल रहा है। प्रमुख आयातक देशों में इसकी मांग भी मजबूत बनी हुई है। दलहनों का भाव नरम चल रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नवम्बर 2025 के दौरान म्यांमार से 66,047 टन उड़द, 38,175 टन तुवर एवं 12,680 टन मूंग का निर्यात हुआ। उड़द के तीन शीर्ष खरीदारों में भारत, पाकिस्तान एवं वियतनाम तथा मूंग के आयातकों में वियतनाम, चीन एवं इंडोनेशिया शामिल है जबकि तुवर की सम्पूर्ण मात्रा का आयात भारत में किया गया।
भारत उड़द का भी सबसे अग्रणी खरीदार रहा। ज्ञात हो कि भारत में मूंग का आयात नहीं होता है क्योंकि इस पर फरवरी 2022 से ही प्रतिबंध लगा हुआ है म्यांमार से उड़द एवं तुवर का सर्वाधिक निर्यात भारत को ही किया जाता है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार म्यांमार से नवम्बर 2025 में कुल 66,047 टन उड़द का निर्यात हुआ जिसमें से 51,880 टन का शिपमेंट भारत को किया गया। इसके अलावा पाकिस्तान को 3275 टन तथा वियतनाम को 3120 टन उड़द की खेप भेजी गई।
इसी तरह नवम्बर में म्यांमार द्वारा 38,175 टन तुवर का शिपमेंट किया गया जिसमें से भारत को 38,125 टन तथा अन्य देशों को 50 टन का निर्यात हुआ। जहां तक मूंग का सवाल है तो म्यांमार से नवम्बर 2025 में इसका कुल निर्यात 12,680 टन पर पहुंचा जिसमें से वियतनाम को 5430 टन, चीन को 3098 टन तथा इंडोनेशिया को 1715 टन का शिपमेंट किया गया।
म्यांमार में दलहन फसलों की बिजाई के बाद अब उत्पादन के बारे में अनुमान लगाया जाने लगा है। अगले महीने से तुवर की फसल परिपक्व होने लगेगी
और यदि मौसम की हालत अनुकूल रही तो इसके उत्पादन में कुछ वृद्धि हो सकती है। उड़द का मामला कुछ जटिल होता है क्योंकि इसके सरकारी एवं व्यापारिक उत्पादन अनुमान में भारी अंतर रहता है।
