म्यांमार से उड़द एवं तुवर का निर्यात पकड़ने लगा है जोर
04-Apr-2025 04:06 PM
रंगून। भारत के पूर्वोत्तर पड़ोसी देश- म्यांमार में नई फसल की जोरदार आवक शुरू होने से इसके निर्यात शिपमेंट की मात्रा एवं गति बढ़ती जा रही है।
अग्रणी व्यापारिक संस्था- ओवरसीज एग्री ट्रेड एसोसिएशन (ओएटीए) के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि म्यांमार से जनवरी 2025 में 80,266 टन उड़द का निर्यात हुआ था जो फरवरी में सुधरकर 80,784 टन तथा मार्च में बढ़कर 1,00,755 टन पर पहुंच गया।
इसी तरह तुवर का निर्यात जनवरी के 5606 टन से बढ़कर फरवरी में 29.250 टन तथा मार्च में उछलकर 42,147 टन पर पहुंच गया।
उल्लेखनीय है कि म्यांमार से उड़द एवं तुवर के अधिकांश भाग का निर्यात भारत को किया जाता है। भारत सरकार ने इन दोनों प्रमुख दलहनों के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है जिससे देश में इसका आयात निरंतर जारी रहेगा।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 की सम्पूर्ण अवधि (जनवरी-दिसम्बर) के दौरान म्यांमार से कुल 8,89,624 टन उड़द एवं 3,13,365 टन तुवर का निर्यात हुआ था।
चालू वर्ष के दौरान उत्पादन बढ़ने तथा भारत में मांग बरकरार रहने से म्यांमार से इन दोनों दलहनों का निर्यात प्रदर्शन और भी बेहतर होने की उम्मीद है।
आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2024 के दौरान म्यांमार से उड़द का निर्यात जनवरी में करीब 74 हजार टन, फरवरी में 52 हजार टन, मार्च में 80 हजार टन, अप्रैल में 88 हजार, मई में 1.03 लाख,
जून में 65 हजार, जुलाई में 72 हजार, अगस्त में 96 हजार, सितम्बर में 87 हजार, अक्टूबर में 62 हजार, नवम्बर में 56 हजार तथा दिसम्बर में 55 हजार टन हुआ था।
जहां तक तुवर का सवाल है तो इसका निर्यात जनवरी में 31 हजार टन, फरवरी में 33 हजार, मार्च में 30 हजार, अप्रैल में 28 हजार, मई में 41 हजार, जून में 27 हजार, जुलाई में 13 हजार, अगस्त में 30 हजार, सितम्बर में 35 हजार,
अक्टूबर में 11 हजार, नवम्बर में 23 हजार तथा दिसम्बर 2024 में 12 हजार टन दर्ज किया गया था। उपरोक्त आंकड़ों से स्पष्ट पता चलता है कि म्यांमार से मई माह में उड़द एवं तुवर का सर्वाधिक निर्यात होता है।
