निर्यातक देशों के लिए पीली मटर निर्यात में जोखिम।
03-Dec-2024 02:19 PM
निर्यातक देशों के लिए पीली मटर निर्यात में जोखिम।
★ कनाडाई मटर के सबसे बड़े आयातक देश भारत और चीन।
★ 2017 के अंत में भारत द्वारा मटर आयात पर लगाए गए शुल्क और सीमा शुल्क प्रतिबंधों से कनाडा मटर व्यापार को प्रभावित किया।
★ निर्यात शुल्क लगने के बाद कनाडा ने चीन पर अपनी निर्भरता बढ़ाई। दिसंबर 2023 में भारत ने शुल्क हटाया।
★ भारत द्वारा पीली मटर पर लगाए गए शून्य शुल्क का समय सीमा 31 दिसंबर तक। यह समय सीमा पहले दो बार बढ़ाई जा चुकी है देखना होगा कि इसे फिर से बढ़ाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो कनाडा की पीली मटर को 2024/25 से निर्यात चलता रहेगा।
★ लेकिन यदि भारत आयात पर फिर से शुल्क लगाता है, तो कनाडा की पीली मटर को 2024/25 के सुनहरे दिन खत्म हो जायेंगे।
★ भारत द्वारा पीली मटर पर शुल्क निर्णय काफी हद तक रबी फसलों की स्थिति पर निर्भर।
★ भारतीय किसान कुछ रबी दलहन की जगह गेहूं को दे सकते हैं प्राथमिकता।
★ बाजार भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर, गेहूं दालों के मुकाबले एक आकर्षक विकल्प बन सकता है।
★ अधिकतर क्षेत्रों में चने, मटर और मसूर जैसी दालों की बुवाई वही क्षेत्रों में की जाती है, जहां गेहूं की भी बुवाई होती है।
★ यदि गेहूं बिजाई बढ़ी तो दलहन फसलों के उत्पादन पर पड़ सकता है असर जो भविष्य में आयात पर निर्भरता बढ़ा सकता है।
★ पीली मटर की स्थिति अभी भी कुछ हद तक अनिश्चित है, लेकिन अगर भारत अपने दरवाजे बंद कर देता है, तो यह कनाडा एवं अन्य देशों के लिए काफी जोखिम भरा होगा।
2024/25 में कनाडा का मटर निर्यात बहुत मजबूत रहा
★ भारत में पिछले साल दिसंबर में आयात शुरू किये जाने के बाद 24.36 लाख टन मटर आयात हो चुकी है, देश में पोर्ट पर बड़ी मात्रा में स्टॉक उपलब्ध। आयात अभी भी जारी।
★ दूसरे शब्दों में कहें तो जो स्टॉक उपलब्ध है वह पुरे एक साल की खपत के बराबर है।
★ मौजूदा स्थिति को देख सरकार को पुनः आयात शुल्क लगाना चाहिए।
