News Capsule/न्यूज कैप्सूल: अरहर के अंतरराष्ट्रीय भाव में तेज उछाल, भारत में आगे तेजी की संभावना
★ अफ्रीकी देशों में फसल कमजोर रहने की खबरों और निर्यातकों द्वारा ऑफर बढ़ाए जाने से भारत की आयात लागत पर दबाव बढ़ रहा है।
★ मोजाम्बिक से भारत के लिए गजरी अरहर का सितंबर/अक्टूबर शिपमेंट ऑफर 800 डॉलर प्रति टन CNF पर पहुंच गया है, जो 17 सितंबर के 755 डॉलर से 45 डॉलर यानी करीब 6% अधिक है। मौजूदा भाव चार सप्ताह के औसत 720 डॉलर से लगभग 11% ऊपर है।
★ म्यांमार से लेमन टाइप अरहर का ऑफर 910 डॉलर प्रति टन है, जो पिछले सप्ताह के 890 डॉलर से 20 डॉलर यानी करीब 2% अधिक है। यह चार सप्ताह के औसत 878 डॉलर से लगभग 4% ऊपर है।
★ मलावी से भारत के लिए ऑफर सबसे तेज बढ़ा है। भाव 735 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया है, जो पिछले सप्ताह के 680 डॉलर से 55 डॉलर यानी करीब 8% अधिक है। यह चार सप्ताह के औसत 641 डॉलर से लगभग 15% ऊपर है।
★ महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख अरहर उत्पादक राज्यों में सूखे और जल संकट की स्थिति बनी हुई है। यदि आने वाले समय में पर्याप्त बारिश या सिंचाई उपलब्ध नहीं होती है, तो फसल की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है।
★ भारत और म्यांमार की नई अरहर फसल बाजार में आने में लगभग चार महीने का समय बाकी है। इस अवधि में घरेलू बाजार को मौजूदा स्टॉक और आयात पर निर्भर रहना पड़ेगा। इसलिए अगले कुछ महीनों में आयातित अरहर की कीमत भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेतक बनी रहेगी।
★ यदि भारतीय फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिलता और उत्पादकता प्रभावित होती है, तो नई फसल के अनुमान भी कमजोर हो सकते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते आयात भाव के साथ भारतीय अरहर बाजार में भी तेजी का माहौल आगे मजबूत हो सकता है।
★ मौजूदा अंतरराष्ट्रीय ऑफर से संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में अरहर बाजार में तेजी का जोखिम बढ़ रहा है। हालांकि, वास्तविक दिशा मौसम, घरेलू आवक, नई फसल के उत्पादन अनुमान और भारत की आयात नीति पर निर्भर करेगी।