News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत में मक्का आउटलुक: एथेनॉल की बढ़ती मांग से उत्पादन में तेजी

06-Apr-2026 03:34 PM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत में मक्का आउटलुक: एथेनॉल की बढ़ती मांग से उत्पादन में तेजी
★ पिछले तीन वर्षों में भारत का मक्का बैलेंस शीट एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है, जहां एथेनॉल की मांग उत्पादन वृद्धि का प्रमुख कारण बनकर उभरी है।
★ 2021-22 से 2024-25 के बीच मक्का उत्पादन लगभग 337 लाख टन से बढ़कर 420 लाख टन से अधिक हो गया है। बीच में हल्का उतार-चढ़ाव जरूर रहा, लेकिन कुल मिलाकर रुझान स्पष्ट रूप से बढ़त का है। यह वृद्धि केवल आपूर्ति बढ़ने से नहीं, बल्कि मांग-आधारित वृद्धि, खासकर ईंधन क्षेत्र से, प्रेरित है।
★ सरकार द्वारा एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने की नीति ने मक्का की खपत के स्वरूप को बदल दिया है। पहले जहां मक्का मुख्यतः पशु चारे और खाद्य उपयोग में आता था, अब इसका बड़ा हिस्सा ग्रेन-आधारित एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल हो रहा है, जो तेजी से विस्तार कर रहा है।
★ इसी दौरान घरेलू खपत भी लगातार बढ़ी है (करीब 300 लाख टन से बढ़कर 425 लाख टन से अधिक), जो एथेनॉल, पोल्ट्री फीड और औद्योगिक मांग के कारण मजबूत बनी हुई है।
★ अब एथेनॉल की मांग मक्का बाजार का मुख्य चालक बनती जा रही है, जो उत्पादन फैसलों और कीमतों दोनों को प्रभावित कर रही है। बेहतर दाम मिलने की वजह से किसान भी धीरे-धीरे मक्का का रकबा बढ़ा रहे हैं।
★ आने वाले समय में मक्का उत्पादन के लगातार बढ़ने की संभावना है, जिसके प्रमुख कारण हैं:
★ एथेनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्यों के तहत मजबूत मांग, ग्रेन-आधारित डिस्टिलरी क्षमता का विस्तार, चीनी के अलावा वैकल्पिक फीडस्टॉक को बढ़ावा देने वाली नीतियां
★ भारत का मक्का क्षेत्र अब फीड-आधारित बाजार से फ्यूल-लिंक्ड बाजार की ओर तेजी से बढ़ रहा है, और पिछले तीन वर्षों में उत्पादन में आई वृद्धि इसी बढ़ती एथेनॉल मांग का सीधा परिणाम है।