News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत द्वारा पीली मटर पर लगाए गए आयात शुल्क का असर कम, आगे कैसा रह सकता है भविष्य
28-Nov-2025 01:36 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत द्वारा पीली मटर पर लगाए गए आयात शुल्क का असर कम, आगे कैसा रह सकता है भविष्य
★ चीन के शुल्क का कनाडा पर व्यापक प्रभाव
★ भारत द्वारा पीली मटर पर लगाए गए शुल्क का देसी चना या कनाडाई मटर बाजार पर बहुत बड़ा असर नहीं देखा गया है। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है, जिससे कीमतों में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की स्थिति नहीं बनी।
★ दूसरी ओर, चीन द्वारा कनाडाई कृषि उत्पादों पर लगाए गए शुल्क भारतीय मटर शुल्क की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं। चीन के ये शुल्क कनाडा की लगभग सभी कमोडिटी पर लागू होते हैं, जबकि रूस और यूक्रेन जैसे देशों पर ऐसे कोई प्रतिबंध नहीं हैं।
★ भारत को पीली मटर की खरीद जारी रखनी पड़ सकती है, क्योंकि यह अभी भी सबसे सस्ती दलहन है।
★ पीली मटर पर शुल्क लागू होने के बाद भारतीय बाजारों में केवल लगभग 10 दिनों तक मटर और चने की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन उसके बाद भाव फिर से घटने लगे। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि बाजार में उपलब्धता बढ़ी हुई है और मांग कमजोर बनी हुई है।
★ आई-ग्रेन इंडिया का मानना है कि इस वर्ष मटर का आयात—गति और मात्रा, दोनों ही सीमित रह सकते हैं। पिछले वर्ष विशेष परिस्थितियों के कारण भारत में रिकॉर्ड स्तर पर दलहनों का आयात किया गया था। ऊँचे भाव पर किए गए आयात के कारण कई आयातकों और कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, और कई ने तो दलहन व्यवसाय से दूरी भी बना ली।
★ जैसा कहा जाता है—“दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँक कर पीता है।” इसी प्रकार, आने वाले समय में भारतीय आयातक और व्यापारी अपनी वास्तविक मांग के अनुसार ही खरीद और कारोबार की रणनीति अपनाएंगे।
★ हमारा मानना है कि चना और मटर की कीमतों में अब और बड़ी गिरावट की संभावना कम है। बाजार धीरे-धीरे स्थिर होकर आगे चलकर हल्की सुधार की ओर भी बढ़ सकते हैं।
महत्वपूर्ण सूचना:
उपरोक्त रिपोर्ट केवल जानकारी के लिए है। आई-ग्रेन इंडिया किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही बाजार में किसी विशेष दिशा (तेजी या मंदी) का समर्थन करता है। कृपया कोई भी निर्णय अपने विवेक और समझदारी से लें।
