News Capsule/न्यूज कैप्सूल: सभी दलहनों के भाव MSP से नीचे, किसान परेशान; कम कीमतें बढ़ा सकती हैं आयात निर्भरता, तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत

03-Dec-2025 11:49 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: सभी दलहनों के भाव MSP से नीचे, किसान परेशान; कम कीमतें बढ़ा सकती हैं आयात निर्भरता, तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत
★ 3 दिसंबर 2025 को चना, उड़द, तुअर, मूंग और मसूर—सभी दालें न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम पर बिक रही हैं। लातूर में चना 5,400 रुपये, उड़द 6,200 रुपये और तुअर 6,700 रुपये क्विंटल पहुंच गया है, जबकि इनका MSP क्रमशः 5,875, 7,800 और 8,000 रुपये है। इसी तरह सुमेरपुर में मूंग 7,500 रुपये और सागर में मसूर 6,300 रुपये पर बिक रही है, जो MSP से काफी कम है।
★ सरकार ने कीमतों को स्थिर करने के लिए हाल ही में मटर पर 30% और मसूर व चना पर 10% आयात शुल्क लगाया है, लेकिन बाजार में दामों में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा। खरीफ सीजन में किसानों ने पहले ही मूंग और उड़द कम भावों पर बेची, अब नई तुअर की आवक भी बाजार में कमजोर रुझान के साथ शुरू हुई है।
★ रबी सीजन की दालें—चना और मसूर—भी MSP से नीचे ही बिक रही हैं, जबकि वर्तमान में इनकी बुवाई चल रही है। अच्छी बारिश के कारण किसान बो तो रहे हैं, लेकिन लगातार कम कीमतों का असर अब दिखाई देने लगा है। मटर का रकबा इस वर्ष घटने की संभावना है क्योंकि इसकी कीमतें पिछले साल की तुलना में काफी कम हैं।
★ यदि किसानों को कीमतें नहीं मिलेंगी तो वे दलहन क्यों उगाएँगे? अगर दालों के दाम ऐसे ही नीचे बने रहे और किसान उत्पादन घटा दें तो देश की आयात निर्भरता और बढ़ सकती है, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा। लगातार गिरती कीमतें न केवल किसानों की आय पर चोट कर रही हैं, बल्कि संपूर्ण दलहन उद्योग और व्यापार को भी खतरे में डाल रही हैं।
★ बाजार में तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत है। या तो सरकारी खरीद को प्रभावी तरीके से शुरू किया जाए या आयात शुल्क में बदलाव किया जाए।