News Capsule/न्यूज कैप्सूल: दलहन–खाद्य महंगाई: 2026 में सीमित दायरे में रहने की संभावना या फिर तेज़ी

29-Dec-2025 09:37 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: दलहन–खाद्य महंगाई: 2026 में सीमित दायरे में रहने की संभावना या फिर तेज़ी
★ खाद्य महंगाई अक्टूबर 2024 में 10.87% पर पहुंचने के बाद लगातार घटती गई और नवंबर 2025 में घटकर -3.91% दर्ज की गई। सब्जियों, अनाज, दालों और मसालों की कीमतों में नरमी इसका मुख्य कारण रही।
★ वित्त वर्ष 2025-26 में दलहनों का आयात करीब 45% घटकर लगभग 40 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि 2024-25 में यह रिकॉर्ड 73.4 लाख टन (राजमा, लोबिया एवं अन्य समेत) था। माना जा रहा है कि सरकारी और निजी स्तर पर पर्याप्त स्टॉक तथा रबी सीजन में चना और मसूर की अच्छी फसल की संभावना से दलहनों की कीमतें नियंत्रित रहने की उम्मीद है।
★ बाजार में प्रमुख दलहनों के मंडी भाव इस समय पिछले वर्ष और MSP से 10–20% नीचे चल रहे हैं।
★ आई-ग्रेन इंडिया का मानना है कि तुवर और उड़द का उत्पादन कम होने के कारण आयात पर निर्भरता अधिक बनी रह सकती है। MSP पर हो रही सरकारी खरीद का असर भी बाजारों में देखने को मिल सकता है।
★ रबी सीजन में चना उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, मसूर का उत्पादन सामान्य रह सकता है, जबकि मटर का उत्पादन घट सकता है।
★ उपरोक्त सभी कारणों के साथ-साथ उड़द को छोड़कर अन्य अधिकांश दलहनों का आयात भी घट रहा है, जिसका असर आगे चलकर बाजार पर पड़ सकता है।
★ जैसे-जैसे ठंड कम होगी, वैसे ही दलहनों की मांग में सुधार आने की संभावना है। हमारा मानना है कि 2026 में दलहन बाजार तेज़ रह सकते हैं।

महत्वपूर्ण सूचना:
उपरोक्त रिपोर्ट केवल जानकारी के लिए है। आई-ग्रेन इंडिया किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही बाजार में किसी विशेष दिशा (तेजी या मंदी) का समर्थन करता है। कृपया कोई भी निर्णय अपने विवेक और समझदारी से लें।