ओ एम एस एस के तहत 23.40 लाख टन सरकारी चावल की बिक्री

01-Jan-2026 01:33 PM

नई दिल्ली। केंद्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की वर्षान्त समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा वर्ष 2025 में 18 नवंबर तक खुले बाजार बिक्री योजना (ओ एम एस एस) के अंतर्गत ई -नीलामी के माध्यम से प्राइवेट व्यापारियों, सहकारी समितियो एवं अन्य संबध पक्षों को कुल 23.40 लाख टन चावल बेचा गया। इसके साथ-साथ पीछे राज्य सरकारों को भी इस अवधि में 31.70 लाख टन चावल की बिक्री की गई। इसकी खरीद में प्रांतीय एजेंसियों एवं सामुदायिक इकाई भी शामिल रही। इन सबको चावल की खरीद के लिए साप्ताहिक ई -नीलामी में भाग लेने की जरूरत नहीं पड़ी। रिपोर्ट के अनुसार 18 नवंबर 2025 तक खाद्य निगम द्वारा एथनॉल निर्माण के लिए डिस्टबटीज को भी रियायती मूल्य पर करीब 33.10 लाख टन चावल उपलब्ध करवाया गया। 

रिपोर्ट के मुताबिक राईस मिलिंग ट्रांसफॉर्मेशन स्टीम के अंतर्गत सरकार ने प्राइवेट पार्टियों को बिक्री के लिए 10 प्रतिशत टूटे चावल की 10 लाख टन मात्रा का आवंटन किया है। इसकी बिक्री खुले बाजार बिक्री योजना के तहत ई -नीलामी के माध्यम से 2025-26 में की जाती है। सरकार ने अब 25 प्रतिशत टूटे चावल की खरीद में कटौती करने तथा 10 प्रतिशत टूटे चावल की खरीद बढ़ाकर 50 लाख टन नियत करने का प्लान बनाया है। राईस मिलर्स को इसकी सुचना देते हुए उसे चावल की क्वालिटी सुधारने के लिए कहा गया है। 

खरीफ कालीन धान की सरकारी खरीद अक्टूबर 2025 में ही आरम्भ हो गई थी और अब पंजाब - हरियाणा में खरीद बंद भी हो चुकी है। लेकिन बिहार, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उड़ीसा, मध्य्प्रदेश एवं आंध्रप्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में इसकी प्रक्रिया अभी जारी है। खरीदे गए धान को कस्टम मिलिंग के लिए राईस मिलर्स को आवंटित किया जा रहा है जिससे भारतीय खाद्य निगम को केंद्रीय पूल के लिए आगामी महीनो में नियमित रूप से चावल की आपूर्ति होती रहेगी।