ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी भाग में वर्षा होने तथा दक्षिणी क्षेत्र में सूखा पड़ने से किसान असमंजस में
04-Apr-2025 05:34 PM
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में शीतकालीन फसलों की बिजाई का समय निकट आ गया है लेकिन मौसम की हालत को देखते हुए किसानों की दुविधा बढ़ती जा रही है। वहां क्वींसलैंड प्रान्त के प्रमुख कृषि उत्पादक क्षेत्रों और न्यू साउथ वेल्स राज्य के उत्तरी भाग में भी भारी वर्षा का दौर जारी है।
पिछले सप्ताह भी वहां जोरदार बारिश हुई। इससे किसानों को थोड़ी समस्या तो होगी लेकिन साथ ही साथ शीतकालीन फसलों की अगैती बिजाई का अवसर भी मिलेगा जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण खेतों में पानी जमा हो गया है वहां किसानों को बिजाई के लिए कुछ इंतजार करना पड़ेगा।
दूसरी ओर साउथ ऑस्ट्रेलिया तथा विक्टोरिया जैसे प्रांतों में लम्बे समय से भयंकर सूखे का संकट बना हुआ है। वर्ष 2024 में भी वहां सूखे की वजह से मसूर के उत्पादन में जोरदार गिरावट आ गई थी।
लेकिन उत्तरी क्षेत्र में अच्छी वर्षा होने तथा मौसम अनुकूल रहने से चना का उत्पादन बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। दक्षिणी क्षेत्र में किसान भारी असमंजस में हैं।
दिलचस्प तथ्य यह है कि न्यू साउथ वेल्स प्रान्त का आधा (उत्तरी) भाग भारी वर्षा का संकट झेल रहा है जबकि शेष आधा (दक्षिणी) हिस्सा गंभीर सूखे की चपेट में फंसा हुआ है।
पतझड़ काल के दौरान ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी क्षेत्र में अक्सर वर्षा हो जाती है और किसान उसी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यदि सही समय पर अच्छी बारिश नहीं हुई तो गेहूं, कैनोला एवं जौ के साथ-साथ मसूर की बिजाई भी प्रभावित हो सकती है।
ऑस्ट्रेलियाई मौसम ब्यूरो ने अप्रैल- जून की तिमाही के लिए मौसम की स्थिति का अनुमान 27 मार्च को जारी किया था।
इसमें कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी एवं पूर्वी भाग में सामान्य औसत से अधिक बारिश अप्रैल में हो सकती है जबकि मई में देश के अधिकांश हिस्से में सामान्य से कम वर्षा होगी और सूखे का संकट बढ़ेगा।
समझा जाता है कि ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी भाग में किसान अपनी अगली फसल की खरीद-बिक्री हेतु अग्रिम अनुबंध करने में जल्दबाजी नहीं दिखाएंगे और जून तक मौसम की हालत का इंतजार कर सकते हैं।
लेकिन दक्षिणी राज्यों में किसानों को खाद- बीज आदि की खरीद के लिए धनराशि की जररूत है इसलिए वे सीमित मात्रा में इसकी खरीद- बिक्री का अग्रिम अनुबंध कर रहे हैं।
